उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भागलपुर ब्लॉक के नरियाव गांव में नेपाल से आए एक मजदूर की तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाने के लिए पुलिस ने एंबुलेंस बुलाया। कुछ देर बाद दरवाजे पर एंबुलेंस लेकर चालक पहुंच गया। दरवाजे पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह कोरोना वायरस चपेट में आ गया है तो बिना मरीज को लिए एंबुलेंस लेकर चालक भाग गया।
ये है पूरा मामला...
गांव का एक व्यक्ति नेपाल में गन्ना मिल में मजदूरी का कार्य करता है। होली के दो दिन पहले घर आया। उसे खासी, सर्दी हो गई है। पड़ोसियों ने बृहस्पतिवार को उसके लक्ष्ण को देखकर कोरोना वायरस होने का शोर मचा दिया। इसको लेकर गांव वालों में अफरा-तफरी मच गई।
मजदूर के दरवाजे पर जाने से लोग मुंह मोड़ने लगे। लोगों ने 112 नंबर पुलिस को फोन कर इसकी जानकारी दी। सिपाही रमेश चंद्र प्रसाद ने उसके घर पहुंचकर 108 नंबर पर फोनकर एंबुलेंस को बुलाया। एंबुलेंस जब नरियांव गांव पहुंचा तो चालक को लोगों ने बताया कि कोरोना वायरस से ग्रसित रोगी होने का संदेह है।
एसओ रवींद्र कुमार रवि उसके गांव पहुंचे लेकिन वायरस की डर से दूरी बनाते हुए वे भी मरीज को अपनी गाड़ी से अस्पताल नहीं भिजवा सके। पुलिस ने प्राइवेट गाड़ी से अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया पर कोई तैयार नहीं हुआ।
भागलपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी रंजीत कुमार कुशवाहा ने बताया कि घर पर टीम भेजी गई थी। कोरोना का कोई लक्षण नहीं पाया गया है। 17 मार्च को पीएचसी से सर्दी व खासी बता कर दवा ले गया था।