छात्रा को टीका लगाती स्वास्थ्यकर्मी
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कोरोना की तीसरी लहर के बाद 12 से 14 वर्ष के बच्चों को लगने वाले टीकाकरण के प्रति विभाग संजीदा हो गया है। इसका असर यह है कि 10 दिन में 11,237 बच्चों को स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना का मंगल टीका लगा दिया है। औसतन देखा जाए तो हर दिन एक हजार से अधिक बच्चों को कोरोना का टीका लग रहा है। इस पर विभाग ने राहत की सांस ली है। विभाग का कहना है कि जैसे ही परीक्षा और पोलियो अभियान खत्म होता है, तो टीकाकरण में और तेजी आ जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, 16 मार्च से बच्चों को टीका लगने की शुरुआत हुई है। पहले दिन 3,280 बच्चों को कोरोना का टीका लगाया गया। इसके बाद से टीकाकरण का आंकड़ा तीन दिनों तक काफी पीछे रहा। 18 से लेकर 20 मार्च के बीच महज 600 के आसपास बच्चों को ही टीका लग सका। इस पर शासन ने नाराजगी जताई तो विभाग ने टीकाकरण की रफ्तार बढ़ा दी। इसका असर यह हुआ कि 21 मार्च से हर दिन टीकाकरण का आंकड़ा एक हजार से ऊपर पहुंच गया।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि अभी बच्चों के लिए सीएचसी पर ही बूथ बनाए जा रहे हैं। इसकी वजह से कुछ ही बच्चों का टीका लग पा रहा है, जैसे ही बोर्ड परीक्षा और पोलियो अभियान खत्म होता है वैसे ही बूथों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके बाद से हर दिन कम से कम 10 हजार बच्चों को टीका लगाया जाएगा।
तिथि टीकाकरण
16 मार्च 3,280
17 मार्च 1,595
18 मार्च 192
19 मार्च 127
20 मार्च 248
21 मार्च 1,124
22 मार्च 1,152
23 मार्च 1,166
24 मार्च 1,022
25 मार्च 1,291
बच्चों में नहीं है डर, बेहिचक लगवा रहे टीका
सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि बच्चों में टीकाकरण को लेकर कोई डर नहीं है। बच्चे बेहिचक टीका लगवा रहे हैं। अच्छी बात यह है कि उनके अभिभावक भी टीकाकरण के लिए आगे आ रहे हैं। अब तक जितने भी अभिभावक बच्चों को टीका लगवाने आए हैं। वह सभी लोग टीका लगवा चुके हैं। ऐसे में उन्हें टीकाकरण की अहमियत पता है।
तीसरी लहर में कम बच्चे हुए संक्रमित
सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि तीसरी लहर में बेहद कम बच्चे कोरोना संक्रमित हुए हैं। महज 150 के आसपास बच्चे तीसरी लहर में कोरोना संक्रमण का शिकार हुए थे। राहत की बात यह थी कि एक भी बच्चों की मौत नहीं है। जबकि, पहली लहर से लेकर तीसरी की बात करें तो कुल 1526 के आसपास बच्चे कोरोना संक्रमण का शिकार हुए थे। इनमें चार बच्चों की मौत हुई थी।