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अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान : स्कूलों में बच्चों के लिए बनेंगे कोरोनारोधी टीकाकरण बूथ

Sat, 26 Mar 2022 10:31 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

28 मार्च के बाद खत्म होगा पोलियो अभियान, इसके बाद बनाए जाएंगे, 12 से 14 वर्ष के 4.26 प्रतिशत बच्चों को लगा चुका है टीका।
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कोरोना वायरस वैक्सीन। - फोटो : istock
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विस्तार
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12 से 14 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण में पोलियो अभियान के बाद और तेजी आएगी। अभियान खत्म होने के बाद विभाग स्कूलों में नए सिरे से बूथ बनाएगा। 16 मार्च से शुरू हुए टीकाकरण अभियान में 24 मार्च तक 4.26 प्रतिशत बच्चों को टीका लग सका है। अब तक केवल चुनिंदा सीएचसी पर ही बच्चों को कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में बने बूथों पर 14 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को टीका लगाया जा रहा है।

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जानकारी के मुताबिक, कोरोना की तीसरी लहर की समाप्ति के बाद 12 से 14 वर्ष के बच्चों को टीका लगाने की शुरुआत की गई है। इन बच्चों को कोर्बेवैक्स का टीका लगाया जा रहा है। अच्छी बात यह है कि बच्चे और उनके अभिभावक टीकाकरण के लिए आगे आ रहे हैं। यही कारण है कि आठ दिनों के अंदर 4.26 प्रतिशत बच्चों को टीका लगाया जा चुका है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोर्बेवेक्स की एक वैक्सीन में 20 लोगों को टीका लगाया जा रहा है। यही कारण है कि इस वैक्सीन को सामान्य बूथों पर नहीं भेजा जा रहा है। पोलियो अभियान खत्म होने के बाद इन बच्चों के लिए अलग से स्पेशल बूथ बनाकर स्कूलों में टीका लगाया जाएगा। वहीं, 15 से 17 वर्ष के बीच 95.49 प्रतिशत किशोरों को पहली डोज और 54.82 प्रतिशत किशोरों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। इन किशोरों को भारत बॉयोटेक की कोवैक्सीन लगाई जा रही है।

 

 

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बच्चे बोले, खुद टीका लगवाया और दोस्तों को भी बताया

पहले तो डर लग रहा था, लेकिन जैसे ही टीका लगा वैसे ही डर खत्म हो गया। टीका लगने के बाद जरा भी दिक्कत नहीं हुई। खुद टीका लगवाने के बाद अपने दोस्त को भी टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया। अब समय पर दूसरी डोज लगवाऊंगा।
-अंश मिश्रा, 13 वर्ष

टीका लगते ही सभी डर खत्म हो गए। टीका लगने के बाद कोई भी दिक्कत नहीं हुई। तय किया हूं समय से दूसरी डोज भी लगवा लूंगा। घर में सभी लोग कोरोना का टीका लगवा चुके हैं। तय किया हूं कि अपने साथ के दोस्तों को भी बूथों पर ले जाकर टीका लगवाऊंगा।
-सिंटू, 12 वर्ष

पोलियो अभियान और बोर्ड परीक्षा की वजह से स्कूलों में नहीं बन रहे बूथ
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एएन प्रसाद ने बताया कि कोरोना महामारी के बीच दो वर्ष से पोलियो की खुराक बच्चों को नहीं दी जा रही थी। कोरोना की तीसरी लहर खत्म हो गई है। छह लाख 50 हजार बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जानी है। इसके तहत अभियान भी शुरू हो गया है। अभियान में स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। ऐसे में बच्चों के लिए अलग से बूथ नहीं बनाए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर 24 मार्च से बोर्ड की परीक्षाएं भी शुरू हो गईं हैं। ऐसी स्थिति में स्कूल में बूथ बनाना संभव नहीं है। फिर भी तय किया है कि जैसे ही पोलियो अभियान खत्म होता है वैसे ही कुछ स्कूलों में बूथ बनाकर बच्चों को बड़े स्तर पर टीका लगवाया जाएगा।

एक नजर आंकड़ों पर
15 से 17 वर्ष के किशोरों के टीकाकरण का लक्ष्य 3,11,465
प्रथम डोज    15 से 17 वर्ष- 2,97,416- प्रतिशत- 95.49
दूसरी डोज    15 से 17 वर्ष- 1,70,732- प्रतिशत- 54.82

12 से 14 वर्ष लक्ष्य- 1,88,115
प्रथम डोज- 8,016-प्रतिशत- 4.26

सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि पोलियो अभियान और बोर्ड परीक्षा की वजह से स्कूलों में अभी बूथ नहीं बनाए गए हैं। अभियान खत्म होते ही कुछ स्कूलों में बूथ बनाकर 12 से 14 वर्ष के बच्चों को टीका लगाया जाएगा। अभी कुछ चुनिंदा सीएचसी पर ही बच्चों को टीका लगाया जा रहा है।


 
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