शिक्षिका अल्पा को वर्ष 2010 में तैनाती मिली। तब बच्चों की संख्या महज 24 थी। उन्होंने नामांकन बढ़ाने का निर्णय लिया। उनके प्रयासों से अब विद्यालय में बच्चों की संख्या 240 हो गई है। उन्होंने अपने विद्यालय के अंदर लैंग्वेज लैब को स्थापित किया है, जहां बच्चों के भाषाई कौशल को संवारा जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक के प्रभावी रूप से इस्तेमाल के लिए उन्हें राष्ट्रीय आईसीटी अवार्ड प्रदान किया गया है।
इन बिंदुओं पर होते हैं शोध कार्य
फुलब्राइट कार्यक्रम के तहत विदेशों में शिक्षकों, उनके स्कूलों और समुदाय के बीच पारस्परिक समझ को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जाता है। संस्था अध्यापन के दौरान सर्वोत्तम शिक्षक प्रथाओं को साझा करने, शिक्षकों की विशेषज्ञता को बढ़ाने, प्रतिभागियों को मजबूत शैक्षणिक नेतृत्वकर्ता तैयार करने की दिशा में कार्य करती है।