गोरखपुर में स्वर्ण कारोबारियों को चेक देकर गहने और नकदी की जालसाजी करने का आरोपी कथित पत्रकार राजेश शुक्ला को राजघाट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके खिलाफ जालसाजी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि वह खुद को पत्रकार बताता था और बात उलझने पर एडीजी मीडिया सेल का प्रभारी बताकर लोगों को अर्दब में लेता था। उसने अयोध्या के एक महंत के शिष्य से भी एडमिशन कराने के नाम पर 70 हजार रुपये की जालसाजी की थी।
जानकारी के मुताबिक, स्वर्ण व्यापारी राजू सर्राफ के भांजे के साथ आरोपित ने जालसाजी की। जब रुपये वापस मांगने के लिए पीड़ित ने फोन किया तो जालसाज राजेश ने खुद को पुलिस वाला बताया। इसकी जानकारी होने पर वे एडीजी दफ्तर पहुंचे तो पता चला कि जिस राजेश शुक्ला की तलाश है, वह एडीजी दफ्तर में नहीं, बल्कि जालसाज है।
इसके बाद उन्होंने अन्य व्यापारियों से संपर्क किया, तब कई व्यापारियों ने खुद के साथ हुई जालसाजी के बारे में बताया। सभी पीड़ितों ने राजघाट पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही थी कि इसी बीच सोमवार को व्यापारियों से जालसाजी करने के लिए वह फिर घंटाघर पहुंच गया।
व्यापारियों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया है। पूछताछ में उसने अपना नाम राजेश शुक्ला बताया। वह राप्तीनगर फेज चार का रहने वाल है। जांच के बाद पता चला कि व्यापारियों के अलावा जिले के बाहर के लोगों से भी उसने जालसाजी की है।