दोपहर करीब एक से डेढ़ बजे के बीच की गई पड़ताल के दौरान बस स्टेशन परिसर में रोडवेज की एक भी बस नहीं आकर रूकी। लेकिन बस स्टेशन के सामने से अवैध तरीके से डग्गामार बसों का संचालन होता मिला। इसके साथ ही बस स्टेशन के सामने दर्जनों की संख्या में ठेले लगे हुए थे, लेकिन उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं था।
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सूची में हैं 95 बसें, स्टेशन से चलती एक भी नहीं
नौसड़ बस स्टेशन पर 95 बसों की सूची लगी हुई है, लेकिन वहां से एक भी बस का संचालन नहीं होता है। कुछ दिनों के लिए कागजों पर यहां से बसों का संचालन भी हुआ, लेकिन फिर बसों का संचालन बंद कर दिया गया। बसों का संचालन बंद होने के पीछे आरएम ने दावा था कि शहर में बसों से लगने वाली जाम की समस्या से निजात मिल गई है। ऐसे में नौसड़ से बसों का संचालन नहीं किया जाएगा।
राप्तीनगर डिपो के एआरएम एके सिंह ने कहा कि नौसड़ बस स्टेशन पर तीन कर्मचारी और एक गार्ड की तैनाती है। कर्मचारियों के नहीं रहने पर गार्ड काम देख लेता है। बाहरी लोग शौचालय में आ जाते थे, ऐसे में शौचालय में ताला बंद कराने लगा, मांगने पर चाबी दे दी जाती है।