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नौसड़ बस स्टेशन का हाल: गार्ड मेंटेन करता है रजिस्टर, शौचालय में बंद रहता है ताला

Mon, 12 Jun 2023 03:09 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।

सार

राप्तीनगर डिपो के एआरएम एके सिंह ने कहा कि नौसड़ बस स्टेशन पर तीन कर्मचारी और एक गार्ड की तैनाती है। कर्मचारियों के नहीं रहने पर गार्ड काम देख लेता है। बाहरी लोग शौचालय में आ जाते थे, ऐसे में शौचालय में ताला बंद कराने लगा, मांगने पर चाबी दे दी जाती है।
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नौसड़ बस स्टेशन के कमरे और शौचालय में लगा ताला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से बने नौसड़ बस स्टेशन से स्टेशन प्रभारी सहित सभी कर्मचारी नदारद मिले, सिर्फ एक गार्ड स्टेशन पर मौजूद था, जो बसों के आने और जाने का समय रजिस्टर पर नोट कर रहा था। स्टेशन प्रभारी सहित सभी कमरों में ताले लटक रहे थे। जिम्मेदारों ने शौचालय में भी ताला लगवा रखा था। स्टेशन परिसर में लगे सभी पंखे बंद थे, यात्री गर्मी से बेहाल थे। बस स्टेशन के सामने से डग्गामार बसों का संचालन हो रहा था।

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रविवार को नौसड़ बस स्टेशन का नजारा कुछ ऐसा था। रविवार की दोपहर बस स्टेशन पर अव्यवस्थाओं की भरमार मिली। बस स्टेशन पर लगे सभी पंखे बंद थे, भीषण गर्मी में यात्री बिना पंखे के ही बैठने को मजबूर थे। यहां स्टेशन प्रभारी के रूप में कुंवर सिंह और सुधीर दूबे की तैनाती है। लेकिन, दोनों ही मौके पर नहीं मिले।

पूछताछ काउंटर और रजिस्टर मेंटेन करने का काम सुशील सिंह करते हैं, लेकिन वह भी मौके पर नहीं मिले। उनके बदले गार्ड विजय से रजिस्टर मेंटेन करता मिला। जब गार्ड से बाकी कर्मचारियों के बारे में जानने की कोशिश की गई तो उनने कहा हम नहीं बतांएगे। जो करना है कर लीजिए। बस स्टेशन के सभी शौचालयों पर भी ताले लगे हुए मिले। बस स्टेशन की दूसरी मंंजिल पर खिड़कियों के शीशे टूटे हुए थे, यहां भी सभी कमरों में ताले लटक रहे थे।
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स्टेशन के सामने से चलती हैं डग्गामार बसें

दोपहर करीब एक से डेढ़ बजे के बीच की गई पड़ताल के दौरान बस स्टेशन परिसर में रोडवेज की एक भी बस नहीं आकर रूकी। लेकिन बस स्टेशन के सामने से अवैध तरीके से डग्गामार बसों का संचालन होता मिला। इसके साथ ही बस स्टेशन के सामने दर्जनों की संख्या में ठेले लगे हुए थे, लेकिन उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं था।

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सूची में हैं 95 बसें, स्टेशन से चलती एक भी नहीं
नौसड़ बस स्टेशन पर 95 बसों की सूची लगी हुई है, लेकिन वहां से एक भी बस का संचालन नहीं होता है। कुछ दिनों के लिए कागजों पर यहां से बसों का संचालन भी हुआ, लेकिन फिर बसों का संचालन बंद कर दिया गया। बसों का संचालन बंद होने के पीछे आरएम ने दावा था कि शहर में बसों से लगने वाली जाम की समस्या से निजात मिल गई है। ऐसे में नौसड़ से बसों का संचालन नहीं किया जाएगा।

राप्तीनगर डिपो के एआरएम एके सिंह ने कहा कि नौसड़ बस स्टेशन पर तीन कर्मचारी और एक गार्ड की तैनाती है। कर्मचारियों के नहीं रहने पर गार्ड काम देख लेता है। बाहरी लोग शौचालय में आ जाते थे, ऐसे में शौचालय में ताला बंद कराने लगा, मांगने पर चाबी दे दी जाती है।




 
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