मंडल स्तर के सभी अफसरों के कार्यालय अब एक ही जगह होंगे। इसे लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। प्रस्ताव तैयार होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने 25 मई को उसका प्रस्तुतीकरण भी किया जा चुका है। हालांकि मुख्यमंत्री ने इसमें थोड़ा संशोधन कर फिर से प्रस्ताव भेजने को कहा है।
प्रदेश के भीतर सबसे पहले गोरखपुर और वाराणसी मंडल में एकीकृत सरकारी कार्यालय का निर्माण शुरू होगा। इसके बाद दूसरे सभी मंडलों में भी एकीकृत सरकारी कार्यालय परिसर तैयार किया जाएगा।
मंडल स्तरीय अधिकारियों का एकीकृत कार्यालय ऑडिटोरियम, वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम, पार्किंग, पेपरलेस वर्किंग आदि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसके बनने से जनता को काफी सुविधाएं होंगी। अपने काम के लिए उन्हें अलग-अलग दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
अधिकारियों की आसानी से उपलब्धता रहेगी और उनकी जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा सकेगी। विभिन्न कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेंगे तो वहीं आवागमन में होने वाले ईंधन और समय की बर्बादी भी कम की जा सकेगी।
श्रम विभाग के परिसर में बन सकता है एकीकृत कार्यालय
शासन के निर्देश के बाद पिछले करीब एक महीने से मंडल स्तरीय एकीकृत कार्यालय के लिए जगह की तलाश चल रही थी। कमिश्नर के नेतृत्व में मंडलीय अफसरों की टीम ने रेलवे स्टेशन के सामने सिंचाई विभाग परिसर, नार्मल स्थित शिक्षा विभाग परिसर, एयरपोर्ट के पास कोनी में सीलिंग की जमीन और पर्यटन विभाग के सामने स्थित श्रम विभाग परिसर की जमीन देखने के साथ ही वर्तमान कमिश्नर कार्यालय को तोड़कर वहां नए एकीकृत कार्यालय बनाने पर भी मंथन किया था।
विश्वस्त प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक इन सभी जगहों में एकीकृत कार्यालय के लिए श्रम विभाग परिसर की जमीन सबसे मुफीद पाई गई है। वहां से थोड़ी ही दूरी पर शहर के दोनों बस स्टेशन के अलावा रेलवे स्टेशन है। एयरपोर्ट के लिए भी सीधा रास्ता है।
14 मई को हुआ था मंथन
एकीकृत कार्यालय को लेकर प्रस्ताव तैयार करने के क्रम में 14 मई को कमिश्नर जयंत नार्लिकर की अध्यक्षता में मंडल के सभी मंडलीय अफसरों की जीडीए सभागार में बैठक हुई थी। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में इस कार्यालय के स्वरूप पर विस्तार से चर्चा हुई थी।
इसके बाद ही प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया गया था। जिसपर 25 मई को मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुतीकरण हुआ। इस दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कमिश्नर जयंत नार्लिकर भी मौजूद रहे। हालांकि मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव में कुछ संशोधन करने का निर्देश दिया है जिसके बाद अब फिर से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।