उधर, इसे लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने चचेरे भाइयों के साथ गांव के बाहर जाम लगाया फिर पुलिस पर हमला भी किया। इस घटनाक्रम की जानकारी डीआईजी को देर से दी गई है। इसे लेकर डीआईजी जिला पुलिसिंग से खफा हैं। बुधवार की शाम घटना की जानकारी होने पर डीआईजी ने जनपद पुलिस के अधिकारियों से घटना के बारे में पूछा था। तब उन्होंने कोई विशेष बात न होने की जानकारी दी थी।
पुलिस की गाड़ियों और रोडवेज बसों में तोड़फोड़ के बारे में उन्हें नहीं बताया गया था। पूरे घटनाक्रम की बृहस्पतिवार को समाचार पत्रों में छपी खबर पढ़ने के बाद डीआईजी को वास्तविक स्थिति का पता चल सका। डीआईजी ने खबरों का हवाला देकर रिपोर्ट तलब की है।