अब एक ही सेंटर से जिले में संचालित सभी छोटे-बड़े विकास कार्यों की निगरानी हो सकेगी। इसके लिए एचडीएफसी और कोटेक महिंद्रा के सहयोग से जीपीएमएस (गवर्नमेंट प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग सिस्टम) के लिए विशेष एप व सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। कलेक्ट्रेट स्थित ई-डिस्ट्रिक्ट बिल्डिंग में 40 लाख की लागत से यह सेंटर स्थापित किया जा रहा है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और नए वित्तीय वर्ष में 10 अप्रैल तक यह सेंटर काम करना भी शुरू कर देगा। ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर नीरज श्रीवास्तव के द्वारा यह सेंटर संचालित होगा जहां से डीएम, सीडीओ या कमिश्नर कभी भी संबंधित परियोजनाओं का अपडेट कभी भी हासिल कर सकेंगे।
जीपीएमएस से गोरखपुर में करीब 50 हजार करोड़ की लागत से हो रहे खाद कारखाना, एम्स, रामगढ़ताल परियोजना समेत 700 छोटे-बड़े सभी कामों की रोजाना की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति जांची जा सकेगी। इसके लिए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के जेई-एई को एप की लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराई जाएगी।
जिसकी मदद से वह फोन पर ही अपने प्रोजेक्ट की रोजाना की स्थिति अपडेट करेंगे। यहीं नहीं अगर कोई प्रोजेक्ट किसी वजह से धीमा पड़ गया है या रुकने वाला है तो उन्हें उसकी भी जानकारी दर्ज करनी होगी। सेंटर से ही निर्वासित गो संरक्षण केंद्रों के साथ ही जिले में संचालित करीब 1500 जन सेवा केंद्रों की भी निगरानी हो सकेगी।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया- ई.डिस्ट्रिक्ट की बिल्डिंग में जीपीएमएस की स्थापना की जा रही है जहां से जिले में संचालित सभी छोटी-बड़ी परियोजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति जांची जा सकेगी। कार्यदायी संस्थाओं के अभियंताओं व अफसरों को रोजाना एक विशेष एप पर संबंधित काम की प्रगति रिपोर्ट फोटो के साथ अपलोड करना होगा।