इधर, प्रतिमा स्थापित करने के लिए चबूतरे का निर्माण शुरू हो गया। शिकायत को देखते हुए ग्राम प्रधान दयाशंकर तिवारी समेत ग्रामीणों ने 29 जुलाई को डीएम से मुलाकात की और ग्राम पंचायत व भूमि प्रबंधन समिति का प्रस्ताव सौंपकर प्रतिमा स्थापना की अनुमति मांगी।
ग्रामीणों का कहना है कि राजनीतिक दबाव के चलते उपजिलाधिकारी और तहसीलदार गोला पुलिस फोर्स लेकर बुधवार को बुलडोजर के साथ पहुंचे और चबूतरे को गिरवा दिया। जबकि स्थानीय पुलिस के मना करने पर काम दो दिनों से रुका था।
पुलिस को सूचित कर दिया गया था कि बिना अनुमति कार्य नहीं कराया जाएगा। मौके पर उपस्थित पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनय तिवारी, आलोक त्रिपाठी, राहुल तिवारी, सौरभ तिवारी आदि ने बिना किसी नोटिस के अचानक चबूतरा गिराने पर विरोध जताया।
अखिलेश ने कसा तंज
अखिलेश यादव ने पोस्ट करते हुए लिखा अब तक भाजपा का बुलडोज़र दुकान-मकान पर चलता था, अब दिवंगतों के मान-सम्मान पर भी चलने लगा है। चिल्लूपार के सात बार विधायक रहे उप्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्व. श्री हरिशंकर तिवारी जी की जयंती पर उनकी प्रतिमा के प्रस्तावित स्थापना स्थल को भाजपा सरकार द्वारा तुड़वा देना, बेहद आपत्तिजनक कृत्य है। प्रतिमा स्थापना स्थल का तत्काल पुनर्निर्माण हो, जिससे जयंती दिवस 5 अगस्त को प्रतिमा की ससम्मान स्थापना हो सके।
निंदनीय!