बीआरडी मेडिकल कॉलेज के छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्विनी मिश्रा ने बताया कि सांस के मरीजों के लिए यह मौसम बहुत ही खतरनाक है। दरअसल जब गर्मी रहती है तो हवा में नमी की मात्रा काफी कम होती है। वाहनों का धुआं, धूल कण आदि हवा के साथ न सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह आसानी से चले जाते हैं, बल्कि ऊपरी वायुमंडल में भी पहुंच जाते हैं। लेकिन कोहरे वाले दिनों में यह कण वातावरण में ही झूलते रहते हैं। ऐसे में सांस के साथ इन हानिकारक तत्वों का कई गुना ज्यादा मात्रा हम सांस के साथ अंदर लेते हैं। ऐसे में सांस के मरीजों को कम से कम बाहर निकलना चाहिए। बहुत जरूरी होने पर अगर बाहर निकल रहे हैं तो मास्क का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।
पिछले दिनों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई)
| तारीख |
एक्यूआई |
| 19 |
173 |
| 18 |
183 |
| 17 |
180 |
| 16 |
177 |
| 15 |
183 |
| 14 |
177 |
| 13 |
163 |
| 12 |
159 |
| 11 |
134 |