गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उच्चस्तरीय चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए तीन नए कोर्स शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। संस्थान में जल्द ही पीरियोडोंटोलॉजी में एमडीएस और दो नए डीएम सुपर स्पेशियलिटी कोर्स गैस्ट्रोएंटरोलॉजी व क्रिटिकल केयर मेडिसिन की शुरुआत की जाएगी। फिलहाल तीनों कोर्स में आठ सीटों पर पढ़ाई कराने की तैयारी है।
बीते दिनों एम्स में स्टैंडिंग एकेडमिक कमेटी की बैठक में इन कोर्स को शुरू करने के प्रस्ताव पर स्वीकृति मिली थी। एम्स के डेंटल विभाग में एमडीएस की शुरुआत के साथ ही पीरियोडोंटोलॉजी जैसे अत्याधुनिक और विशेष शाखा में विशेषज्ञ तैयार किए जा सकेंगे। यह कोर्स विशेष रूप से दांतों के आसपास के ऊतकों, मसूड़ों की बीमारियों और डेंटल सर्जरी से जुड़े क्षेत्रों में प्रशिक्षण देगा। वहीं गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और क्रिटिकल केयर मेडिसिन में डीएम कोर्स से सुपरस्पेशियलिटी की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा।
एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ विभा दत्ता ने बताया कि पीरियोडेंटोलॉजी में एमडीएस कोर्स में एक पद पर तैनाती के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा दो अतिरिक्त सीटों पर भी चयन किया जाएगा। गैस्ट्रो और क्रिटिकल केयर के लिए भी तीन- तीन पदों पर बैच चलाया जाएगा।