गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही व्यापक नीति तैयार की जाएगी। इस संबंध में राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की पहल पर गठित एआई पॉलिसी एडवाइजरी कमेटी की ऑनलाइन बैठक में उच्च शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में एआई के इस्तेमाल और उसके क्रियान्वयन की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने प्रतिभाग किया। वह एआई पॉलिसी इंप्लीमेंटेशन कमेटी के सदस्य-संयोजक हैं। बैठक में आईआईटी दिल्ली के पूर्व निदेशक प्रो. वी. रामगोपाल राव, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय और राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव सुधीर बोबडे समेत अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में विश्वविद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था, शोध, परीक्षा प्रणाली, प्रशासन, डेटा प्रबंधन और संस्थागत निर्णय प्रक्रिया में एआई के उपयोग पर विचार-विमर्श किया गया। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने बताया कि नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जल्द ही विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसमें विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और संस्थागत प्रकृति के अनुरूप एआई के इस्तेमाल की कार्ययोजना बनाई जाएगी।ि