किस जिले में कौन सी फसल कितने रकबे में बोई जा रही है कृषि व राजस्व विभाग के कर्मचारी पहले मैनुअल तरीके से सर्वें करके सरकार को आकड़े उपलब्ध कराते थे। उसमें पूरी तरह से सही आंकड़े नहीं उपलब्ध होते थे। अब सरकार ने सटीक आंकड़े जुटाने के लिए अत्याधुनिक तरीके अपना कर डिजिटल क्राप सर्वे करा रही है।
एप के माध्यम से होगा सर्वे
ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल क्राप सर्वे के लिए लेखपाल, सहायक लेखपाल, पंचायत सहायक और कृषि विभाग के कर्मचारी को शामिल किया गया है। सर्वे करने के लिए खास तौर पर तैयार किए गए एप का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह कार्य तकनीक से लैस युवा सर्वेयर करेंगे। एप पर डेटा अंकित करने के लिए मास्टर ट्रेनर की ट्रेनिग करा ली गई है। सर्वे का कार्य 10 अगस्त से शुरू होजाएगा।
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- विभिन्न योजनाओं का किसानों को मिलेगा लाभ।
- बैंक की ओर से फसली ऋण का सत्यापन किया जा सकेगा।
- फसल बीमा प्रस्ताव का सत्यापन हो सकेगा।
- न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पाद की खरीद।
- सूखे के दौरान फसल नुकसान होने पर राहत अनुदान का वितरण।
- राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का अनुमान।
- किसानों के संस्थागत खरीदारों से जोड़ने का अवसर।
- किसानों को लक्षित फसल सलाह प्रदान किया जाना।