नेपाल के भैरहवां के गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 2.5 अरब रुपये मूल्य की 1,800 किलोग्राम वजनी बुद्ध की प्रतिमा लगाई जाएगी। कीमती धातु 'व्हाइट जेड स्टोन' से बनी बुद्ध की प्रतिमा को म्यांमार स्थित खनन कंपनी माल्विन ग्रुप ने स्पेन के लुंबिनी गार्डन फाउंडेशन को दान कर दिया है। फाउंडेशन म्यांमार और हांगकांग के रास्ते भारत के कोलकाता बंदरगाह से भैरहवां को लाया है।
शनिवार को भैरहवां बाजार की परिक्रमा कर मूर्ति को गौतमबुद्ध एयरपोर्ट लाया गया। लुंबिनी गार्डन फाउंडेशन ने छह महीने बाद बुद्ध प्रतिमा नेपाल सरकार को मुफ्त में सौंप दी है। 30 नवंबर को राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी द्वारा 1,800 किलोग्राम, 1.9 मीटर ऊंची और 60 सेंटीमीटर चौड़ी बुद्ध की मूर्ति का अनावरण किया जाना है। फाउंडेशन ने दुनिया भर के 16 देशों में ऐसी प्रतिमाएं भेजी है।
फाउंडेशन के महासचिव एकराज गिरी ने कहा कि न तो फाउंडेशन और न ही नेपाल सरकार ने कोई नकद निवेश किया है। मूर्ति को 12,000 अमेरिकी डॉलर का परिवहन शुल्क देकर म्यांमार से नेपाल लाया गया था। गिरि ने कहा कि नेपाल सरकार ने सीमा शुल्क माफ कर दिया है। सिद्धार्थनगर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष भीष्म नुपाने ने कहा 'उम्मीद है कि बुद्ध प्रतिमा की स्थापना से लुंबिनी के पर्यटन प्रचार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।'
इस दौरान संविधान सभा के सदस्य इस्तियाक अहमद खान, सिद्धार्थनगर नगर पालिका के उप प्रमुख उमा काफले, रामग्राम नगर पालिका के प्रमुख नरेंद्र कुमार गुप्ता, लुंबिनी सांस्कृतिक नगर पालिका के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी भूपेंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।