बेतियाहाता इलाके के एक हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान शुक्रवार की रात में एक युवक की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर घर जा रहे परिजनों ने शनिवार की शाम को सूरजकुंड ओवरब्रिज पर शव रखकर जाम लगा दिया। पीड़ित परिवार डॉक्टर की लापरवाही से मौत का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने की मांग कर रहा था। सीओ कोतवाली व तिवारीपुर पुलिस ने समझाकर लोगों को शांत कराया। इस दौरान ओवरब्रिज पर करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा।
बेतियाहाता इलाके के एक हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान शुक्रवार की रात में एक युवक की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर घर जा रहे परिजनों ने शनिवार की शाम को सूरजकुंड ओवरब्रिज पर शव रखकर जाम लगा दिया।
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पीड़ित परिवार डॉक्टर की लापरवाही से मौत का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने की मांग कर रहा था। सीओ कोतवाली व तिवारीपुर पुलिस ने समझाकर लोगों को शांत कराया। इस दौरान ओवरब्रिज पर करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा।
रोते बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तिवारीपुर इलाके के माधोपुर निवासी सीताराम का 19 साल का बेटा राजकुमार बंगलूरू में रहता था। वह एक महीने पहले घर लौटा था। इस दौरान वह सड़क हादसे में घायल हो गया था। परिवार के लोगों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था।
गले में गांठ बनने की वजह से बीआरडी के डॉक्टर ने एम्स रेफर किया था। सीताराम के परिवार ने वहां दिखाया, लेकिन ऑपरेशन में पैसा खर्च होने की वजह से वह घर लौट आए थे। माधोपुर कालीमंदिर समिति के लोगों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन लोगों ने ऑपरेशन के लिए चंदा लगाकर करीब 45 हजार रुपये इकट्ठा कर परिवार वालों को दिया।
परिजनों को समझाती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कैंट के बेतियाहाता स्थित एक अस्पताल में राजकुमार का शुक्रवार की रात में ऑपरेशन हुआ। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से गले की नस कट गई जिससे खून का रिसाव नहीं बंद हुआ और मौत हो गई। इसके बाद डॉक्टर फरार हो गया।
शनिवार की शाम करीब चार बजे परिवार वाले पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर निकले और सूरजकुंड ओवरब्रिज पर शव रखकर रास्ता जाम कर दिए। करीब दो घंटे बाद शव लेकर परिवार वाले वहां से निकले।
आस्था हाॅस्पिटल के डॉक्टर और मैनेजमेंट पर केस
ऑपरेशन के बाद राजकुमार की मौत के मामले में पिता राजाराम निषाद की तहरीर पर पुलिस ने आस्था हाॅस्पिटल के डॉक्टर और मैनेजमेंट पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पिता ने कैंट पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बेटे राजकुमार निषाद (19) के गले में कुछ समस्या हो गई थी।
उसे लेकर उन्होंने दाउदपुर स्थित आस्था हाॅस्पिटल पर शुक्रवार की शाम सात बजे लेकर आया। मेरा बेटा सही सलामत हाॅस्पिटल आया। आरोप है कि भर्ती करने के बाद डाॅक्टरों व हाॅस्पिटल मैनेजमेंट के गलत इलाज करने की वजह से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद हाॅस्पिटल के डाक्टरों ने डरा धमका कर उन्हें भगा दिया। ब्यूरो