गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के संस्कृत अध्ययन केंद्र का सत्र 2026-27 शुरू हो गया है। इस बार संस्कृत प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम के साथ पिछले वर्ष इसे पूरा करने वाले विद्यार्थियों के लिए भाषा दक्षता (डिप्लोमा) पाठ्यक्रम भी शुरू किया गया है।
शोधपीठ के उप निदेशक डॉ. कुशल नाथ मिश्रा ने बताया कि डिप्लोमा पाठ्यक्रम से विद्यार्थी संस्कृत का उन्नत अध्ययन कर भाषायी दक्षता विकसित कर सकेंगे। केंद्र के संचालन के लिए केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने पिछले वर्ष संस्कृत शिक्षिका निपा चौधरी की नियुक्ति की थी।
केंद्र की ओर से विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में एक सप्ताह का निशुल्क संस्कृत संभाषण शिविर भी शुरू किया गया है। इसमें विद्यार्थियों और संस्कृत सीखने के इच्छुक लोगों को भाषा के व्यावहारिक और बोलचाल के प्रयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।