आश्रय पालना स्थल हाईटेक मोशन सेंसर से युक्त है। पालना स्थल में नवजात को छोड़ने के दो मिनट बाद ही अस्पताल के स्वागत कक्ष में एक अलाॅर्म बजेगा। इस दो मिनट के दौरान पालना छोड़ने वाला व्यक्ति आसानी से सुरक्षित रूप से वहां से जा सकेगा। इस दौरान उसकी पहचान गोपनीय रहेगी, साथ ही उसे न रोका जाएगा और न ही टोका जाएगा। न ही उसे पकड़ा जाएगा।
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उन्होंने बताया कि प्रदेश के लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज, आगरा, मेरठ, झांसी, और कानपुर राजकीय मेडिकल कॉलेजों के महिला चिकित्सालयों में आश्रय पालना स्थल के स्थापना की स्वीकृति सरकार ने दी है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज कैंपस में नेकी का आश्रय पालना स्थल का लोकार्पण शनिवार को होगा। इस पालने में नवजात को रखने वाले का नाम, पता पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा। नवजात का इलाज बाल रोग विभाग करेगा। इसके लिए टीम को निर्देशित किया जा चुका है।
-डॉ. गणेश कुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज।