एडीजी के मुताबिक, व्हाट्सएप पर आने वाले सुझाव को रोजाना सार्वजनिक किया जाएगा। फिर हफ्ते बाद सुझावों पर वर्कशॉप होगी। जिसका प्रतिनिधित्व शहर के प्रतिष्ठित लोग करेंगे। जनता की बातों पर मंथन होगा और उसमें क्या कैसे किया जाएगा, इसका हल सामने आएगा। फिर उसी हिसाब से पुलिस अन्य विभागों से सहयोग लेकर कार्रवाई करेगी।
रोजाना लगता है जाम, अतिक्रमण और बेपरवाही मुख्य वजह
शहर में शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता है जब जाम नहीं लगता। देवरिया बाईपास से लेकर नौसड़ तक हाईवे पर जाम लगता है। इसी तरह काली मंदिर रोड, गोलघर में भी जाम लगता है। इन सब जाम के पीछे बड़ी वजह अतिक्रमण, सड़कों पर खड़ी गाड़ियां और पुलिस की बेपरवाही ही होती है।
एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि शहर में जाम एक प्रमुख समस्या है। इसके लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। जनता से सीधे सुझाव मांगा जाएगा और फिर उस पर मंथन कर आगे की कार्रवाई होगी। कोशिश है कि जाम से मुक्ति का कोई स्थायी हल निकल सके।