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जंगल कौड़िया-सोनौली रिंग रोड: किसानों के विरोध पर भारी पड़ा प्रशासन, शुरू कराया काम

Sat, 17 Jun 2023 01:08 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी पीपीगंज।

सार

जंगल कौड़िया-सोनौली रिंग रोड का शुरू करवाने के लिए प्रशासन ने चार थानों की पुलिस फोर्स बुला ली। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे किसानों को थाने ले जाया गया। 48 किसान 107/116 में पाबंद किए गए। तहसीलदार ने सख्ती बरतने की चेतावनी दी। फोर्स बढ़ने के बाद किसान घर लौट गए।

 
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जंगल कौड़िया-सोनौली रिंग रोड का निर्माण कार्य शुरू। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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जंगल कौड़िया-सोनौली रिंग रोड का निर्माण कार्य आखिरकार शुक्रवार को शुरू हो गया। हालांकि इस दौरान किसानों ने मुआवजे को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन किया, लेकिन प्रशासन पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचा था। किसानों का विरोध बढ़ता देख प्रशासन ने चार थानों की फोर्स बुला ली।

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प्रदर्शन कर रहे किसानों को पीपीगंज थाने लाया गया। थाने लाए गए 48 किसानों को 107/116 में पाबंद कर छोड़ दिया गया। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया। किसानों ने निर्णय लिया है कि शनिवार को डीएम से मिलकर अपनी मांग रखेंगे। उनका कहना है कि जिला प्रशासन के अधिकारियों ने छल किया है।

शुक्रवार को सुबह 11 बजे तहसील प्रशासन के साथ एनएचएआई व कार्यदायी संस्था पीएनसी इंफ्राटेक, एसएलओ के कर्मचारी गोलीगंज के समीप ग्रामसभा भैयाराम में रिंग रोड का निर्माण कार्य कराने पहुंचे। इसकी जानकारी पाकर मौके पर 150 से अधिक किसान जुट गए। दोपहर 12:20 बजे कैंपियरगंज के तहसीलदार केशव प्रसाद व नायब तहसीलदार विजय यादव भी आ गए। किसानों ने मुआवजे का मामला सुलझाए बिना काम कराने पर विरोध जताया।
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किसानों की ओर से विमल जायसवाल ने अधिकारियों से बीते रविवार को पंचायत में हुई बातचीत का हवाला देते हुए काम बंद करने को कहा। अन्य किसानों ने भी मामले का निस्तारण हुए बिना अचानक काम शुरू कराए जाने पर आपत्ति जताई। एनएचएआई के कलीम और एसएलओ के वरिष्ठ सहायक आशीष पांडेय ने कहा कि काम शुरू कराने का आदेश ऊपर से है। इसलिए इसे नहीं रोका जाएगा। ग्रामीणों ने आदेश की छाया प्रति मांगी, तो अधिकारी आनाकानी करने लगे।

इसके बाद आक्रोशित लोगों ने काम ठप करा दिया। किसानों का तेवर देखकर सहजनवां, कैंपियरगंज और चिलुआताल थाने की फोर्स की बुला ली गई। कैंपियरगंज के सीओ रत्नेश्वर सिंह के सामने विमल जायसवाल, रजत गुप्ता व अन्य सैकड़ों किसानों ने अपनी बात रखी।

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किसानों के राजी नहीं होने पर सख्ती बरतते हुए पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया। करीब दो किलोमीटर धूप में पैदल ही उन्हें पीपीगंज थाने पर ले जाया गया। वहां पुलिस ने 48 लोगों के खिलाफ पाबंदी की कार्रवाई की। इसके बाद किसान अपने घरों को लौट गए। निर्माण कार्य देर शाम तक जारी रहा।
यह है मामला
 
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जंगल कौड़िया-सोनौली रिंग रोड के निर्माण कार्य के लिए भइयाराम, साहबगंज, बगहीभारी, जंगल अगही और जंगल बिहुली गांव के किसानों की भूमि अधिगृहित की गई है। कम मुआवजा मिलने का आरोप लगाते हुए किसानों ने निर्माण कार्य का विरोध किया। समाधान के लिए किसानों, एसएलओ (विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी), एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) तहसील प्रशासन के बीच सात बार बातचीत हुई। लेकिन सहमति नहीं बनी।

रविवार को पीपीगंज, साहबगंज के प्राचीन मंदिर में किसान पंचायत बुलाई गई। तब आर्बिट्रेशन (न्यायिक मध्यस्थता) के जरिये मामले को सुलझाने की बात हुई। किसानों ने दो टूक कहा कि बढ़ा हुआ मुआवजा दिए बिना निर्माण काम नहीं होने देंगे। बृहस्पतिवार को निर्माणदायी संस्था के कर्मचारी और कैंपियरगंज तहसीलदार मौके पर पहुंचे थे। लेकिन कुछ देर बाद ही बिना कोई काम कराए चले गए थे।

एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि निर्माण कार्य का विरोध कर रहे किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया गया। जब वे नहीं मानें तो हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। 48 किसानों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पाबंद किया गया है। कानून व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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