एडीजी ट्रैफिक अनुपम कुलश्रेष्ठ ने कहा कि बार-बार यातायात नियम तोड़ने वालों का चालान किया जाए। स्कूलों के सिलेबस में ट्रैफिक को शामिल कराएं, ताकि बचपन से ही बच्चे यातायात नियमों को लेकर जागरुक रहें। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा के अधिकारियों से बात की जाए।
यह बातें एडीजी ट्रैफिक ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइंस में पुलिस और यातायात पुलिस अधिकारियों सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहीं। उन्होंने गोरखपुर के लोगों की ट्रैफिक सेंस की तारीफ करते हुए कहा कि अन्य शहरों की अपेक्षा यहां के लोग काफी जागरूक हुए हैं। एडीजी ने कहा कि जहां रोड या चौराहे काफी संकरे हैं, वहां के लिए जीडीए और नगर निगम से चौड़ीकरण के लिए कहा गया है।
एडीजी ने शहर से अवैध स्टैंड को बंद कराने पर भी जोर दिया। ई-रिक्शा के लिए रुट निर्धारित करने को कहा। वहीं, रोडवेज की बस सड़क पर खड़ी न करने की व्यवस्था बनाने को कहा। एडीजी ने कहा किस इन प्रयासों से ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिलेगी।
यातायात माह में गोरखपुर आईं एडीजी ने शहर के ट्रैफिक लोड वाले चौराहों का निरीक्षण भी किया। ट्रैफिक कार्यालय में पहुंच कर ट्रैफिक से जुड़े उपकरणों की जांच कराई उसके बाद ट्रैफिक से जुड़े विभागों जैसे कि नगर निगम का आईटीएमएस, आरटीओ, रोडवेज, जीडीए, एनएचआई आदि के अधिकारियों कर्मयारियों के साथ बैठक की।
एडीजी ने एसपी यातायात से कहा कि शहर के उन चौराहों को चिह्नित करके सूची तैयार करें, जहां पर बिजली के खंभे और पेड़ की वजह से सड़कें संकरी हैं। इसके बाद उन विभागों से बातचीत करके उन्हें हटवाया जाए। उन्होंने कहा कि वन-वे, स्प्रींग पोस्ट, फंड और मैन पावर समेत कुछ और व्यवस्था की जरूरत महसूस हुई है। फंड के लिए शासन से जैसे ही धन जारी होगा, भेज दिया जाएगा।
बैठक में एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई, आरटीओ अनीता सिंह, कर्नल सीपी सिंह, एसपी ट्रैफिक डॉ महेंद्र पाल सिंह, एसपी अपराध इंदु प्रभा सिंह, सीओ मंदिर सुरक्षा अजय कुमार सिंह, सीओ कैंट श्यामदेव, सीओ गोरखनाथ रत्नेश सिंह, सीओ कोतवाली रत्नेश्वर सिंह, सीओ उत्तरी क्षेत्र जितेंद्र शर्मा, जीडीए सचिव आदि मौजूद रहे।