एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद पर स्वास्थ्य विभाग के आफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप में अश्लील वीडियो पोस्ट करने का आरोप लगा है। वीडियो वायरल होते ही महकमे में खलबली मच गई, लेकिन संबंधित के खिलाफ केस दर्ज कराके कार्रवाई के बजाय अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। इस वीडियो को लेकर डॉक्टरों और कर्मचारियों में रोष है। आरोपी एसीएमओ पर कार्रवाई की भी मांग उठने लगी है।
स्वास्थ्य विभाग में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए व्हाट्सएप पर ‘आरबीएसके’ आफिशियल ग्रुप बनाया गया है। इसमें सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय से लेकर जिले के सभी एसीएमओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों सहित सौ से अधिक सदस्य हैं। इसी बीच आठ दिसंबर की रात नौ बजे एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ग्रुप में अश्लील वीडियो पोस्ट कर दिया। एक डॉक्टर ने जब पोस्ट डिलीट करने को लिखा तो इसके जवाब में एक अन्य एडमिन ने लिखा कि कोई कमेंट न करें। आप लोग इस मैसेज को स्वयं डिलीट कर दें।
करीब आधे घंटे बाद आरोपी एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद पर ने लिखा कि सॉरी, बच्चों ने गलती से सेंट कर दिया। मैसेज डिलीट कर दें। इसके बाद कई लोग ग्रुप से लेफ्ट हो गए, जबकि ग्रुप के एक अन्य एडमिन ने 35 से अधिक लोगों को रिमूव कर दिया। इस मामले में एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि आठ दिसंबर को मैं एक शादी समारोह में गया था। वहां जाने-अनजाने में किसी अन्य व्यक्ति की गलती से यह मैसेज दो ग्रुपों में चला गया। हम तो किसी को गुड मार्निंग और हैपी बर्थडे तक नहीं भेजते। इसके लिए मैं खुद दुखी हूं।
ऐसा मामला संज्ञान में आया है। एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद पर से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। जवाब के आधार पर कार्रवाई होगी।
- डॉ. आलोक पांडेय, सीएमओ
ग्रुप में अश्लील वीडियो डालना अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे में एडमिन के खिलाफ आईटी एक्ट में केस दर्ज करने का प्रावधान है। जहां तक एसीएमओ के वीडियो पोस्ट करने का सवाल है तो यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है।
- डॉ. श्रीपति मिश्र, एसपी