- एमएमएमयूटी : जांच समिति की रिपोर्ट और संस्तुतियों के आधार पर निर्णय
- दोनों छात्रों के बाद में दर्ज होंगे बयान, उसके बाद लिया जाएगा अंतिम फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विश्वेश्वरैया छात्रावास में रूममेट पर हमले के मामले में जांच समिति की प्राथमिक रिपोर्ट आ गई है। इसमें आरोपी छात्र आशीष कुमार को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। उसे अंतरिम रूप से निष्कासित कर दिया गया है। बाद में दोनों छात्रों के बयान के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मामले की जांच कर रही समिति ने बुधवार शाम अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी। रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावर छात्र जेल में है और घायल छात्र अस्पताल (एम्स) में। इस वजह से दोनों छात्रों के बयान दर्ज नहीं किए जा सके हैं। दोनों छात्रों के बयान दर्ज कर परीक्षण किए जाने के लिए उनसे पूछताछ की जरूरत एक बार से अधिक पड़ सकती है। जेल से बाहर आने के बाद आरोपी छात्र को भी अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। इसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार करने के दौरान हॉस्टल के छात्रों, कर्मचारियों, गार्डों आदि के बयान लिए गए थे। एक ही रूम में रहने वाले दोनों छात्रों ने कभी एक दूसरे की शिकायत नहीं की थी। समिति ने माना है कि यह अभी पता नहीं चल सका है कि क्या वजह थी कि अचानक रात दो बजे छात्र आशीष कुमार ने शिवांश पांडेय पर हमला किया। प्रॉक्टर प्रो. एके पांडेय ने बताया कि दोनों छात्रों के बयान बाद में दर्ज किए जाएंगे। प्रथम दृष्टया आरोपी छात्र को हमले का दोषी पाया गया है।
इलाज का पूरा खर्च वहन करेगा विश्वविद्यालय
अधिष्ठाता छात्र मामले और चीफ वार्डन प्रो. जय प्रकाश ने बताया कि घायल छात्र के इलाज का पूरा खर्च विश्वविद्यालय प्रशासन वहन करेगा। छात्र के परिजनों को इस संबंध में आश्वासन दिया गया है। फिलहाल लगभग 50 हजार रुपये दिए गए हैं।
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यह था मामला
प्रयागराज के यमुनानगर मांडा क्षेत्र के बभनी हेथार निवासी शिवांश पांडेय और लखीमपुर खीरी के श्रीनगर निवासी आशीष कुमार एमएमएमयूटी में बीटेक कंप्यूटर साइंस के प्रथम वर्ष के छात्र हैं। दोनों हॉस्टल के एक ही कमरे में रह रहे थे। आरोप है कि जातिगत टिप्पणी को लेकर दोनों में पहले से ही मनमुटाव चल रहा था। दो जनवरी की रात लगभग दो बजे दोनों में कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसके बाद आशीष ने ईंट से शिवांश के सिर पर कई वार किए। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने हमले के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। घायल को इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया था।
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कोट
आरोपी छात्र को अंतरिम रूप से निष्कासित किया गया है। जांच पूरी होने तक वह निष्कासित रहेगा। दोनों छात्रों के बयान बाद में दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। घायल छात्र के इलाज का पूरा खर्च विश्वविद्यालय की ओर से वहन किया जाएगा।
- प्रो. जेपी सैनी, कुलपति, एमएमएमयूटी