गोरखपुर। चौरीचौरा क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर देवानंद और योगेश बिंद पर जानलेवा हमले के मामले में नामजद आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय में आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहे हैं। आरोपियों के एक अधिवक्ता के संपर्क में होने की सूचना पर पुलिस मंगलवार को कचहरी परिसर में सक्रिय रही। सादे कपड़ों में पहुंची पुलिस टीम ने दिनभर उनकी तलाश की, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। उधर, घटना के दो दिन बाद भी पांचों नामजद आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए छह टीमें लगाई गई हैं।
पुलिस आरोपियों की संभावित लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही, घटना के पीछे की वजह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर सकते हैं। इसी को देखते हुए कचहरी में भी निगरानी बढ़ाई गई है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब साढ़े तीन बजे देवानंद और योगेश बिंद टोलियां के पास पहुंचे थे। इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें निशाना बनाकर फायरिंग कर दी। घटना के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। ग्रामीणों के मुताबिक, देवानंद ने अपने घर के पास रहने वाली रागिनी चौहान से शादी की थी। इस विवाह का कुछ लोगों ने विरोध किया था, हालांकि उस समय मामला शांत हो गया था। गांव में पहले भी मारपीट की घटनाएं होती रही हैं। पुलिस हमले के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
दोहरे हत्याकांड का राज भी अब तक अनसुलझा
शिवपुर गांव के चकदहा टोला में 29 मार्च 2025 की रात पूनम निषाद और उनकी बेटी अनुष्का की सोते समय हत्या कर दी गई थी। इस दोहरे हत्याकांड का अब तक पर्दाफाश नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि समय बीतने के साथ जांच धीमी पड़ गई है, जबकि पुलिस का कहना है कि पुराने मामले की जांच जारी है।