गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब परीक्षा में असफल होने वाले छात्रों को पहले की तुलना में एक अतिरिक्त अवसर दिया जाएगा। एम्स प्रशासन ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए फेल होने पर मिलने वाले अवसरों की संख्या चार से बढ़ाकर पांच कर दी है।
अब तक एम्स की गाइडलाइन के अनुसार किसी छात्र को परीक्षा में असफल होने पर अधिकतम चार मौके ही दिए जाते थे। चार बार असफल होने के बाद छात्र को संस्थान छोड़ना पड़ता था। हालांकि, एम्स की कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने छात्रों के भविष्य को देखते हुए एक और अंतिम मौका देने का निर्णय लिया है। इस प्रस्ताव को स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में भी मंजूरी मिल चुकी है।
एम्स में एमबीबीएस की पढ़ाई और परीक्षाएं काफी चुनौतीपूर्ण मानी जाती हैं। हर वर्ष कुछ छात्र कठिन परीक्षा प्रणाली के कारण असफल हो जाते हैं। ऐसे में संस्थान ने छात्रों को मानसिक दबाव और भविष्य की चिंता से राहत देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। नए नियम के अनुसार यदि कोई छात्र चार प्रयासों में सफल नहीं हो पाता है तो उसे पांचवीं बार अंतिम अवसर दिया जाएगा। हालांकि, इसके बाद किसी भी परिस्थिति में अतिरिक्त मौका नहीं मिलेगा। यह व्यवस्था वर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू कर दी गई है।
कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि छात्रों के हित और उनके भविष्य को देखते हुए एक अतिरिक्त अवसर देने का फैसला लिया गया है, ताकि योग्य छात्र अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।