गोरखपुर विश्वविद्यालय में बवाल।
- फोटो : अमर उजाला।
अपराह्न 3.50 बजे सीओ कैंट योगेंद्र सिंह कुलपति कार्यालय पहुंचे। सीओ की मौजूदगी में पुलिस कुलपति को लेकर कार्यालय से बाहर निकली। बिना वार्ता किए कुलपति को जाता देख एबीवीपी कार्यकर्ता भड़क उठे। पहले तो कुलपति को रोकने का प्रयास किया, लेकिन जब पुलिस के चलते सफल नहीं हुए तो कुलपति से हाथापाई शुरू कर दी।
यह देख पुलिसकर्मियों ने वीसी के चारों ओर घेरा बना लिया और कार्यकर्ताओं को धक्का देकर बाहर करने लगे। इस पर कार्यकर्ताओं और पुलिस में मारपीट हो गई। झड़प के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के बिल्ले नोच लिए गए। पुलिस कर्मी किसी प्रकार कुलपति को बचाकर लिफ्ट से लेकर नीचे पहुंचे।
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वीसी के जाने के बाद कार्यकर्ताओं की नजर कुलसचिव प्रो. अजय सिंह पर पड़ गई। कुलपति कार्यालय के बाहर उन्हें घेरकर एबीवीपी कार्यकर्ता पीटने लगे। जमीन पर गिरने के बाद भी उनकी पिटाई करते रहे। बचाव में आए कर्मचारियों ने किसी प्रकार कार्यकर्ताओं को रोका। एबीवीपी कार्यकर्ताओं के उपद्रव की सूचना पाकर एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई मौके पर पहुंच गए। इस बीच कैंट थाने के अलावा एम्स, रामगढ़ताल और खोराबार थाने की पुलिस भी बुला ली गई।
गोरखपुर विश्वविद्यालय में बवाल।
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पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उपद्रव कर रहे 10 एबीवीपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर कैंट थाने ले गई। पुलिस हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं में ऋषभ सिंह, अर्पित कसौधन, अंकित मिश्रा, शक्ति सिंह, प्रिंस तिवारी, शिवम पांडेय, शुभव राव, आलोक गुप्ता, मयंक राय, श्रवण कुमार मिश्रा आदि शामिल हैं। देर रात तक विवि प्रशासन की ओर से तहरीर नहीं दी गई थी। एसपी सिटी ने बताया कि मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
कुलपति की गाड़ी पर फेंका गमला
पुलिस किसी प्रकार कुलपति प्रो. राजेश सिंह को कार्यकर्ताओं से बचाकर प्रशासनिक भवन के नीचे पहुंची। कुलपति को आता देख चालक ने गाड़ी को पोर्टिको से बाहर निकाला। कुलपति गाड़ी के पास पहुंचे ही थे कि किसी ने ऊपर से गाड़ी पर गमला फेंक दिया। इससे गाड़ी के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना था कि छत से नीचे गमला सुरक्षाकर्मी और कर्मचारियों द्वारा फेंका जा रहा था।