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Gorakhpur News: हाथ-पैर पकड़कर बिना बेहोश किए ही ओटी में करा रहे थे गर्भपात, कथित नर्स गिरफ्तार

Tue, 10 Jan 2023 10:27 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गुलरिहा (गोरखपुर)।

सार

सत्यम हॉस्पिटल में तीन जनवरी को जैनपुर टोला काजीपुर निवासी रामवदन की गर्भवती पत्नी सोनावत की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मामले में पुलिस रामवदन की तहरीर पर रंजीत निषाद के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज किया था।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां भटहट में संचालित सत्यम हॉस्पिटल की कथित नर्स गीता को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। गीता ने पुलिस को बताया कि कथित डॉक्टर रंजीत ओटी (ऑपरेशन थिएटर) में बिना बेहोश किए ही सोनावत का गर्भपात करा रहे थे। जब वह दर्द से तड़पने लगी तो दो अन्य लोगों ने उसका हाथ पकड़ा और गीता सिर के पास खड़ी थी। इस दौरान दर्द से सोनावत तड़प रही थी। मौत तभी हो गई थी, लेकिन मामला बिगड़ने पर रंजीत उसे दूसरे अस्पताल ले गया था।

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आरोपी गीता को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। उधर, पुलिस एसीएमओ की तहरीर केस के आरोपी उस डॉक्टर की तलाश में जुटी है, जिसके नाम पर हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन कराया गया था।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार को गिरफ्तार की गई गीता ने बताया कि वह लखनऊ स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज से जेएमएम का कोर्स करघर की माली हालत खराब होने पर पिता के साथ सब्जी बेचती थी। अभी उसका दूसरा वर्ष है। गीता का कहना है कि सोमवार को सोनावात पेट में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल आई और रंजीत खुद ही डॉक्टर की केबिन में बैठते थे तो उन्हीं ने महिला को भर्ती कर इलाज शुरू किया।
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महिला से पूछ तो पता चला कि ब्लीडिंग हो रही थी। कहीं से दावा लेकर खाई थी। मंगलवार की भोर में चार बजे सोनावत ने जोर से पेट में दर्द होने पर सर को बुलाने को कही। रंजीत को बताई तो ओटी में ले जाने को कहे। रंजीत ही ऑपरेशन करते थे तो ऑपरेशन थियेटर के कपड़े पहन महिला को बिना बेहोश किए गर्भपात शुरू किया गया।

उस समय दो अन्य व्यक्ति हाथ पकड़े थे और वह सिर के पास खड़ी थी। उसी समय एक डिलिवरी का केस आने की वजह से वह बाहर आ गई। फिर लौटी तो देखा महिला कुछ बोल नहीं रही थी तथा मुझे ट्राली लाने को कहा गया और उसपर उसे लादकर अपनी गाड़ी से कही ले गए।
 

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सत्यम हॉस्पिटल में दाई थी गीता

गीता ने बताया कि उसे पढ़ाई के लिए रुपयों की जरुरत थी। इस वजह से 22 दिसंबर को उसने भटहट में सत्यम हॉस्पिटल में काम के लिए गई थी। उसे दाई के रूप में रखा गया था। दस लोगों का खाना बनाना था और बेड सीट लगाने का काम ही मिला था। गीता ने बताया कि वह जेएमएस की पढ़ाई कर रही है। पहले वर्ष छात्रवृत्ति मिलने से फीस की भरपाई हो गई थी। दूसरे वर्ष की फीस जमा करने का बंदोबस्त ना होने पर पहले पिछले वर्ष पनियरा में स्थित ज्योतिमा अस्पताल में पंद्रह दिन काम किया, जिसके बाद वह सील हो गया।

यह था मामला
सत्यम हॉस्पिटल में तीन जनवरी को जैनपुर टोला काजीपुर निवासी रामवदन की गर्भवती पत्नी सोनावत की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मामले में पुलिस रामवदन की तहरीर पर रंजीत निषाद के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज किया था।

मामले में रंजीत निषाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने इस मामले में दूसरा केस एसीएमओ डॉ. एके सिंह की तहरीर पर डॉ. सुनील कुमार सरोज व संचालक सुभाष निषाद के खिलाफ दर्ज किया है। इन दोनों की तलाश जारी है।
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