गीता ने बताया कि उसे पढ़ाई के लिए रुपयों की जरुरत थी। इस वजह से 22 दिसंबर को उसने भटहट में सत्यम हॉस्पिटल में काम के लिए गई थी। उसे दाई के रूप में रखा गया था। दस लोगों का खाना बनाना था और बेड सीट लगाने का काम ही मिला था। गीता ने बताया कि वह जेएमएस की पढ़ाई कर रही है। पहले वर्ष छात्रवृत्ति मिलने से फीस की भरपाई हो गई थी। दूसरे वर्ष की फीस जमा करने का बंदोबस्त ना होने पर पहले पिछले वर्ष पनियरा में स्थित ज्योतिमा अस्पताल में पंद्रह दिन काम किया, जिसके बाद वह सील हो गया।
यह था मामला
सत्यम हॉस्पिटल में तीन जनवरी को जैनपुर टोला काजीपुर निवासी रामवदन की गर्भवती पत्नी सोनावत की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मामले में पुलिस रामवदन की तहरीर पर रंजीत निषाद के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज किया था।
मामले में रंजीत निषाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने इस मामले में दूसरा केस एसीएमओ डॉ. एके सिंह की तहरीर पर डॉ. सुनील कुमार सरोज व संचालक सुभाष निषाद के खिलाफ दर्ज किया है। इन दोनों की तलाश जारी है।