गोरखपुर। सरकारी नौकरी पाने के लिए युवाओं को एक और इम्तिहान से गुजरना पड़ेगा। यह इम्तिहान परीक्षा कक्ष में नहीं, बल्कि केंद्र तक पहुंचने का है। उत्तर प्रदेश प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) देने के लिए जिले के अभ्यर्थियों को सैकड़ों किलोमीटर दूर दूसरे जिलों का सफर तय करना होगा। किसी का केंद्र इटावा में बना है तो किसी को उन्नाव और कानपुर जाना पड़ेगा।
परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों के सामने आवागमन, ठहरने और अतिरिक्त खर्च की समस्या खड़ी हो गई है। त्योहार के सीजन में ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिल रहे हैं, वहीं निजी वाहन बुक कराकर जाना हर किसी के बस की बात नहीं है। ऐसे में युवाओं को परीक्षा की तैयारी से ज्यादा केंद्र तक पहुंचने की चिंता सता रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि केंद्र आवंटित करते समय उनकी सुविधा और आर्थिक स्थिति का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।