रूस की कंपनी ने रेल प्रशासन को दिया 50 मेगावाट का एक प्लांट लगाने का प्रस्ताव
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे को न्यूक्लियर रिएक्टर के जरिये निर्बाध बिजली सप्लाई देने की पहल रूस की कंपनी रोसाटॉम ने की है। कंपनी ने पहले फेज में रेलवे को 50 मेगावाट का न्यूक्लियर रिएक्टर प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया है। इससे बिजली कट हो जाने या ट्रिप हो जाने जैसी कोई आशंका नहीं रहेगी और ट्रेनें बिना रुकावट के चलती रहेंगी।
परियोजना के तहत कंपनी रेलवे में पहले एक प्लांट लगाएगी जो स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) के मॉडल पर होगा। इससे बिना ब्रेक डाउन निर्बाध बिजली की आपूर्ति होगी। सिविल वर्क के लिए कंपनी ने एलएंडटी के साथ एमओयू किया है। इसके साथ ही न्यूक्लियर रिएक्टर के लिए रूस की रोसाटॉम कंपनी से करार हुआ है।
रेलवे से स्वैच्छिक सेवानिवृति लेने वाले और वर्तमान में कंपनी में सलाहकार जीएन सिंह राठौर ने बताया कि कोयला और अन्य प्रदूषण वाली वस्तुओं से मुक्त पूरा प्लांट इको फ्रेंडली होगा। रेलवे प्रशासन से इसे लेकर वार्ता चल रही है।
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गीडा में प्लांट लगाने को हो चुका है पॉवर प्रेजेंटेशन
रूस की कंपनी ने इसके पहले फरवरी 2026 में धुरियापार में स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) दो प्लांट लगाने का प्रस्ताव गीडा प्रशासन को दिया है। कंपनी को प्लांट लगाने के लिए दाे से तीन एकड़ की जरूरत है। इसे लेकर कंपनी की ओर से गीडा के अधिकारियों के सामने पॉवर प्रजेंटेशन भी हो चुका है। इस योजना के तहत करीब 3000 हजार करोड़ के निवेश की योजना है। इससे करीब 1500 लोगों को रोजगार मिलेगा।
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क्या है स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर
स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स छोटे, सुरक्षित और लचीले नाभिकीय रिएक्टर होते हैं जिन्हें प्रति यूनिट 300 मेगावाट तक बिजली पैदा करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे कारखानों में घटकों के रूप में बनाया जाता है उसके बाद इसे साइट पर असेंबल किया जाता है। इससे रेडियोधर्मी रिसाव की संभावना नहीं होती है। ये कम-कार्बन बिजली का उत्पादन करते हैं, जो पर्यावरण के अनुकूल होता है।