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बेरोजगारों संग की ठगी: नौकरी दिलाने के नाम पर भेजा दुबई, न कंपनी थी न नौकरी- ठग लिए 30.45 लाख रुपये; गिरफ्तार

Thu, 05 Feb 2026 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

आरोप है कि फुरकान, उसकी पत्नी इमराना खातून, पिता फारूक अली व अन्य के बैंक खातों में अलग-अलग तिथियों पर 49 लोगों के करीब 24.30 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद 12 युवकों का वीजा कराकर उन्हें दुबई भेजा गया। वहां पहुंचने पर पता चला कि न तो कोई कंपनी है और न ही कोई नौकरी। सभी युवक बेरोजगार हालत में फंस गए।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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दुबई में नौकरी दिलाने के नाम पर नायब काजी से 30.45 लाख रुपये की ठगी के आरोपी इनामी जालसाज को राजघाट पुलिस ने संतकबीरनगर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान महाराष्ट्र के ठाणे खंडु पाडा भिवंडी डांडेकरवाडी निवासी फारुक अली निजामी के रूप में हुई है।
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आरोपी को वर्ष 2023 से पुलिस खोज रही थी। वह संतकबीरनगर जिले के दुधरा इलाके में छिपकर रह रहा था। पुलिस ने दोपहर बाद उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

मामला राजघाट थाना क्षेत्र के तुर्कमानपुर स्थित रशीद मंजिल निवासी मोहम्मद अजहर से जुड़ा है, जो इस्लामिक मुफ्ती होने के साथ-साथ शहर के नायब काजी भी हैं। 20 अगस्त 2023 में उन्होंने राजघाट थाने में फुरकान अली निजामी, उसकी पत्नी इमराना खातून, फुरकान के पिता फारूक अली समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

आरोप था कि उनके परिचित फुरकान अली निजामी और उसके परिजनों ने दुबई में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे और उनके जानने वालों से लाखों रुपये ठग लिए। पीड़ित के अनुसार, फुरकान अली ने दुबई (यूएई) में 70 लोगों की नौकरी की वैकेंसी होने का दावा किया था।

चॉकलेट कंपनी, ट्रॉली बैग और परफ्यूम पैकिंग जैसे पदों पर नियुक्ति का भरोसा दिलाया। इसके एवज में प्रत्येक व्यक्ति से वीजा से पहले 30 हजार और वीजा मिलने के बाद 40 हजार रुपये लेने की बात तय हुई। विश्वास दिलाने के लिए डिलाइट चॉकलेट फैक्टरी एलएलसी का एग्रीमेंट भी दिखाया गया, जो बाद में फर्जी निकला।

आरोप है कि फुरकान, उसकी पत्नी इमराना खातून, पिता फारूक अली व अन्य के बैंक खातों में अलग-अलग तिथियों पर 49 लोगों के करीब 24.30 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद 12 युवकों का वीजा कराकर उन्हें दुबई भेजा गया। वहां पहुंचने पर पता चला कि न तो कोई कंपनी है और न ही कोई नौकरी। सभी युवक बेरोजगार हालत में फंस गए।

नायब काजी ने बताया कि मानवीय आधार पर उन्होंने अपने पास से करीब 6.15 लाख रुपये खर्च कर होटल, भोजन और हवाई टिकट की व्यवस्था कर 5 अगस्त 2023 को सभी युवकों को देश वापस बुलाया। रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने टालमटोल शुरू कर दी और बाद में जान से मारने की धमकी देने लगा।
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इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने 15-15 हजार रुपये का इनामी घोषित किया था।

पुलिस टीम ने बुधवार को फुरकान के पिता फारूक को संतकबीरनगर के दुधरा इलाके से गिरफ्तार कर लिया। दोपहर बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। भागे हुए अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है: पंकज गुप्ता, थानाप्रभारी राजघाट
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