ग्राम प्रधान अनिल गौड़ के मुताबिक, रामडीह निवासी धर्मेंद्र की गाय को सितंबर में कुत्ते ने काट लिया था। उस समय किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। शुक्रवार को गाय ने खाना छोड़ दिया, वह शोर मचाते हुए काटने को दौड़ने लगी। इस पर इलाज के लिए धर्मेंद्र पशु चिकित्सक के पास ले गए। वहां चिकित्सक ने रैबीज होने की आशंका जताई।
सिकरीगंज क्षेत्र के रामडीह गांव में दो माह पूर्व कुत्ते के काटने से शनिवार रात गाय की मौत हो गई। शुक्रवार को गाय की तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे पशु चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां रैबीज होने की आशंका जताई गई थी।
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बताया जा रहा है कि इसी गाय के दूध का चरणामृत बीते दिनों शिवचर्चा और भागवत कथा में करीब 70 लोगों को बतौर प्रसाद दिया गया था। अब इन लोगों ने पीएचसी उरुवा में जाकर रैबीज का टीका लगवाया है।
ग्राम प्रधान अनिल गौड़ के मुताबिक, रामडीह निवासी धर्मेंद्र की गाय को सितंबर में कुत्ते ने काट लिया था। उस समय किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। शुक्रवार को गाय ने खाना छोड़ दिया, वह शोर मचाते हुए काटने को दौड़ने लगी। इस पर इलाज के लिए धर्मेंद्र पशु चिकित्सक के पास ले गए। वहां चिकित्सक ने रैबीज होने की आशंका जताई।
दरअसल, गाय के दूध से बने चरणामृत को एक सप्ताह पहले गांव के राजू गौड़ और 31 अक्तूबर को सोनू विश्वकर्मा के यहां आयोजित शिवचर्चा और भागवत कथा में प्रसाद के रूप में वितरित किया गया था। सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया था। डर से करीब 70 लोगों ने शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर रैबीज का टीका लगवाया। हालांकि गाय को काटने वाला कुत्ता स्वस्थ है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा के चिकित्सा प्रभारी डॉ. जेपी त्रिपाठी ने बताया कि अगर गाय में रैबीज के लक्षण हैं तो एहतियात के तौर पर उसके दूध को पीने वाले लोगों को रैबीज का टीका जरूर लगवा लेना चाहिए।
जिस कुत्ते ने गाय को काटा है, अगर वह स्वस्थ है तो रैबीज का लक्षण नहीं कहा जा सकता है।
वहीं, गाय का चिल्लाना और पानी न पीना या काटने के लिए उग्र होना कोई दूसरी बीमारी हो सकती है। जिसने भी गाय के दूध का प्रसाद लिया है, उसे एहतियातन रैबीज का टीका जरूर लगवा लेना चाहिए। डॉ. शहनवाज, ईएमओ, जिला अस्पताल
अगर गाय का दूध उबला हुआ है तो उसके सेवन से कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन, अगर कच्चे दूध में मिलाकर कुछ खाया गया है तो रैबीज का टीका जरूर लगवाना चाहिए: बीके सुमन, अधीक्षक, जिला अस्पताल