गोरखपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र के हुमायुंपुर उत्तरी स्थित रमेश ज्वेलर्स में बंधक रखे गए गहनों को बिना किसी सूचना के गला देने का मामला सामने आया है। पीड़िता की ओर से न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र पर कोतवाली पुलिस ने सर्राफा व्यवसायी अभिमन्यु गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोरखनाथ थाना क्षेत्र के जटेपुर दक्षिणी मोहल्ला निवासी सरस्वती श्रीवास्तव ने बताया कि उनके छोटे भाई अमित श्रीवास्तव को रुपयों की सख्त जरूरत थी। इसी कारण 24 सितंबर 2023 और 18 अक्तूबर 2023 को वह अपने भाई के साथ रमेश ज्वेलर्स की दुकान पर गई थीं। वहां अमित श्रीवास्तव ने 1.6 ग्राम सोने के कान के टॉप्स और 2.5 ग्राम सोने की मांग टीका कुल छह हजार रुपये में बंधक रखा था। इसके बदले दुकानदार अभिमन्यु गुप्ता ने रसीद भी दी थी।
पीड़िता के अनुसार, 26 जून 2024 को उनके भाई अमित श्रीवास्तव का निधन हो गया। इस कारण समय पर रकम जमा कर बंधक रखे गए गहने वापस नहीं ले सकीं। बाद में जब आर्थिक स्थिति ठीक हुई तो 28 अगस्त 2025 को सरस्वती श्रीवास्तव अपने परिचितों ऊषा श्रीवास्तव और नवनीत के साथ गहने छुड़ाने दुकान पहुंचीं। आरोप है कि दुकानदार अभिमन्यु गुप्ता ने रसीद देखने के बाद बताया कि काफी समय बीत जाने के कारण दोनों गहने गला दिए गए हैं।
पीड़िता ने जब बिना सूचना गहने गलाने पर आपत्ति जताई तो दुकानदार ने दुकान का नियम बताते हुए जिम्मेदारी से इन्कार कर दिया। महिला का आरोप है कि सवाल करने पर दुकानदार ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जान-माल की धमकी देते हुए भगा दिया।
घटना की सूचना पर पीड़िता ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई, लेकिन आरोप है कि कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद भी दुकानदार टालमटोल करता रहा और आखिर में गहने लौटाने से साफ इन्कार कर दिया। थाने में सुनवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
थानाप्रभारी छत्रपाल सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रमेश ज्वेलर्स के मालिक अभिमन्यु गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और मारपीट से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।