कैंपियरगंज। थाना क्षेत्र के पचमा गांव निवासी जियाउर्रहमान से सरकारी विद्यालय में चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर 14 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने रिगौली टोला कटवा निवासी सरकारी शिक्षक श्यामू प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने जब आरोपी शिक्षक से संपर्क करने की कोशिश की ताे उसका मोबाइल फोन बंद मिला।
पीड़ित जियाउर्रहमान के अनुसार, सरकारी शिक्षक श्यामू प्रसाद से उनके पारिवारिक संबंध थे। इसी का फायदा उठाते हुए आरोपी शिक्षक ने विद्यालय में चपरासी की नौकरी लगवाने का झांसा दिया और इसके एवज में 14 लाख रुपये की मांग की। भरोसे में आकर जियाउर्रहमान ने अपनी माता के खाते से 3.50 लाख रुपये नकद दिए, जबकि शेष 10.50 लाख रुपये अपने मित्र सुनील सिंह से दिलवाए।
पीड़ित का कहना है कि रुपये लेने के बाद जब उसने नौकरी के संबंध में जानकारी की तो आरोपी शिक्षक ने विद्यालय के प्रबंधक और प्रधानाचार्य से बातचीत होने की बात कहकर जल्द नियुक्ति का आश्वासन दिया। काफी समय बीतने के बावजूद जब कोई नियुक्ति नहीं हुई तो पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे।
आरोप है कि दबाव बनाने पर श्यामू प्रसाद ने 3.50 लाख रुपये का चेक दिया। इसके अलावा सुनील सिंह के नाम से तीन लाख रुपये का एक अन्य चेक भी दिया। हालांकि कुछ समय बाद आरोपी ने चेक लगाने से मना कर दिया और कहा कि वह जल्द ही पूरी रकम वापस कर देगा। पीड़ित का आरोप है कि चेक की वैधता अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी आरोपी ने रुपये वापस नहीं किए। जब दोबारा पैसे की मांग की गई तो आरोपी गाली-गलौज करने लगा और जान-माल की धमकी देने लगा।
थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। फिलहाल आरोपी शिक्षक का मोबाइल बंद होने के चलते उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है।