शंभूनाथ के मुताबिक प्रादेशिक व राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले इन मैचों में वह स्वयं के खर्च से शामिल होते हैं। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि सरकार की ओर से उन्हें कोई सहायता प्राप्त नहीं होती है।
वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले एथलेटिक्स के मैचों में शामिल होना चाहते हैं पर आर्थिक स्थिति ठीक न होने से वहां तक जाने में असमर्थ होते हैं। उन्होंने कहा कि जब वह 95 वर्षीय एथलीट दादी भगवानी देवी को दौड़ता देखते हैं तो उन्हें प्रेरणा मिलती है। दौड़ने के अलावा उन्हें फुटबॉल, हॉकी, बैडमिंटन खेलने में भी रुचि है।
खेलकूद के शौक के अलावा वह कला के भी शौकीन हैं। थर्माकोल का प्रयोग कर वह बड़ी से बड़ी इमारतों को भी बनाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में खेलकूद में युवा अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके हुनर को निखारने के लिए मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने की जरूरत है।