गोरखपुर जिले में लंबे समय से एक ही जगह तैनात डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का अब स्थानांतरण किया जाएगा। शासन से निर्देश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे 80 से अधिक डॉक्टरों और करीब 500 से अधिक कर्मियों की सूची तैयार कर शासन को भेज दी गई है। उधर, स्थानांतरण रुकवाने के लिए कुछ लोग जुगाड़ लगाना शुरू कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, शासन ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे स्वास्थ्यकर्मियों का डाटा तैयार किया जाए, जो तीन साल से अधिक समय से एक ही जगह पर कार्यरत हैं। इस निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अंदरूनी तौर पर सभी डाक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और जूनियर स्टाफ समेत सभी स्वास्थ्यकर्मियों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया। 80 से अधिक डॉक्टर ऐसे मिले जो तीन साल से अधिक समय से एक ही जगह पर कुंडली मार बैठे हैं। इस बार शासन ने सीधे इन लोगों की सूची मंगवा ली है। इनमें चरित्र प्रमाणपत्र से लेकर सर्विस बुक जैसे कागजात शामिल हैं।
जुगाड़ के लिए पहुंचने लगे लखनऊ
डॉक्टरों और कर्मियों के स्थानांतरण की सूची शासन तक पहुंच गई है। इसकी भनक लगते हुए कुछ डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी जुगाड़ के लिए लखनऊ पहुंचना शुरू कर दिए हैं। ये लोग स्वास्थ्य सचिव से लेकर स्वास्थ्य मंत्री के करीबियों से संपर्क करने में जुट गए हैं। इसके अलावा विभाग के आला अधिकारियों के यहां भी व्यथा बताकर स्थानांतरण रुकवाने में लगे हैं।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि शासन ने तीन साल से अधिक समय से जमे डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों की सूची मांगी थी, जिसे भेज दी गई है। शासन स्तर से इतने बड़े पैमाने पर स्थानांतरण होने हैं। इसके अलावा हाल में ही कुछ डॉक्टरों के स्थानांतरण भी किए गए हैं।