गोरखपुर में चालक प्रशिक्षण केंद्र (डीटीआई) में 175 का अस्थायी लाइसेंस बना जबकि लाइसेंस के लिए होने वाली परीक्षा में 65 अभ्यर्थी असफल रहे। चरगावां में बने नवनिर्मित डीटीआई में सोमवार से अस्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का काम शुरू हो गया।
आरआई राघव कुशवाहा ने बताया कि पहले दिन 250 लोगों ने अस्थायी लाइसेंस के लिए स्लॉट बुक कराया था। इनमें 240 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे थे। इस दौरान सभी की बारी-बारी से परीक्षा ली गई। परीक्षा में 65 अभ्यर्थी फेल हो गए जिन्हें नए स्लॉट बुक करा दुबारा परीक्षा देने के निर्देश दिए गए।
वहीं सफल 175 आवेदकों के लाइसेंस बनाए गए। बताया कि स्थायी लाइसेंस के लिए टेस्ट देने 96 आवेदक पहुंचे थे, इनमें 13 अभ्यर्थी असफल हुए जिसके बाद 83 का लाइसेंस बनाया गया। इसके साथ ही 100 आवेदकों के लाइसेंस का नवीनीकरण किया गया।
आरआई ने बताया कि लाइसेंस जारी करने के अलावा डीटीआइ में युवाओं को दक्ष चालक भी बनाया जाएगा। इसके लिए पांच अति आधुनिक ट्रैक और सेमुलेटर बनाए गए हैं। वातानुकूलित वेटिंग हॉल, हॉस्टल और कैंटीन की सुविधा भी मिलेगी। कोई भी व्यक्ति नियमानुसार निर्धारित शर्तों को पूरा करते हुए प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है।
प्रशिक्षण के लिए न्यूनतम एक माह की अवधि निर्धारित है। प्रशिक्षण के साथ यातायात के नियमों की भी समुचित जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षु न्यूनतम शुल्क वहन कर अपने घर से, क्वार्टर लेकर या हॉस्टल में रहकर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। शुल्क का निर्धारण नहीं हुआ है। इसके लिए निजी फर्म नामित की जाएगी। हालांकि अभी फर्म का चयन नहीं हो पाया है।