नगर आयुक्त अविनाश सिंह की ओर से बृहस्पतिवार की सुबह कराई गई जांच में 2400 में से 598 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इसके बाद नगर आयुक्त के निर्देश पर अनुपस्थिति सफाई कर्मचारियों का एक दिन का वेतन करीब 2.50 लाख रुपये काट दिया गया।
बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त ने वार्डों में सफाई कर्मियों की उपस्थिति जांच कराने के बाद सुबह 11 बजे सभी जोनल अधिकारी, सफाई निरीक्षक एवं नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। औचक निरीक्षण में कुल 598 सफाई कर्मी अनुपस्थित मिले। नगर आयुक्त ने बताया कि सभी सुपरवाइजरों को निरंतर रूप से उपस्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया। सफाई निरीक्षकों को प्रतिदिन अपने जोन के वार्डों में भ्रमण करने के लिए कहा गया है।
अनुपस्थित कर्मियों का वेतन निकलवाने में लिप्त लोगों पर होगी कड़ी कार्रवाई
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि कुछ वार्डों में जानबूझकर सफाई कर्मचारियों के अनुपस्थिति होने के बावजूद पूरा वेतन निकलवाया जा रहा है। इसमें कई लोगों की संलिप्तता है। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लेखाकार निर्देशित दिया कि सुनिश्चित कराएं कि उपस्थित कर्मचारियों का ही वेतन निकले। नोडल अधिकारियों से कहा कि उपस्थिति के संबंध में प्रतिदिन अपनी रिपोर्ट दें तथा सफाई निरीक्षक सप्ताह में कम से कम तीन दिन अपनी रिपोर्ट अवश्य दें।
सेवामुक्त करने से लेकर वेतन रोकने तक की हुई कार्रवाई
तीन कर्मियों के लगातार अनुपस्थित रहने पर नगर आयुक्त ने उन्हें हटाने, मेठ शमीम को सेवामुक्त करने, सफाई निरीक्षक सुधीर की जानकारी पर सुपरवाइजर एवं मेठ का वेतन रोकने का निर्देश दिया। इसके अलावा सुपरवाइजर राम गोपाल को हटाकर वार्ड 21 में दूसरे कर्मचारी को तैनात करने का निर्देश दिया।