गोरखपुर में कोरोना मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोत्तरी से विभाग चिंतित है। 21 दिनों बाद नवंबर माह में 50 के आंकड़ा पार हुआ है। बुधवार को 24 घंटे के अंदर 52 मरीज मिले हैं। इससे पूर्व चार नवंबर को 53 मरीज मिले थे।
हालांकि राहत की बात यह है कि लगातार पांच दिनों से हो रही मौत का सिलसिला रूक गया है। मौजूदा समय में जिले में संक्रमितों की संख्या 19868 पहुंच गई है। इनमें 320 की मौत हो चुकी है। 19116 लोग ठीक हो चुके हैं। जबकि एक्टिव केस 432 हैं।
जानकारी के मुताबिक नवंबर माह में मरीजों की संख्या अक्तूबर माह की अपेक्षा कम हुई है। अब तक नवंबर माह में सर्वाधिक 78 मरीज एक नवंबर को मिले थे। इसके अलावा 53 मरीज चार नवंबर को मिले थे। इसके बाद से लगातार मरीजों की संख्या 50 से 30 के बीच आकर सिमट गई थी।
62 लोगों की डबल आईडी, नाम हटाए गए
यहां तक की 14 नवंबर को मात्र नौ ही मरीज मिले थे। लेकिन दीवाली और छठ के बाद यह संख्या 40 के पार 50 तक पहुंच गई है। बुधवार को मिले मरीजों में शहर के 28 मरीज शामिल हैं। इनमें शाहपुर आठ, रामगढ़ताल दो, कैंट 12, कोतवाली चार, तिवारीपुर और राजघाट के एक-एक मरीज शमिल हैं।
वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में 18 मरीज मिले हैं। इनमें भटहट दो, चरागंवा छह, खोराबार आठ, पिपराइच और सहजनवां के एक-एक मरीज शामिल हैं। इसके अलावा छह मरीज अलग-अलग थाना क्षेत्रों के हैं। संक्रमितों में बशारतपुर, चरगांवा, रेलवे कॉलोनी के लोग शामिल हैं।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि संक्रमण की रफ्तार थोड़ी बढ़ी है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जा रही है कि सैनिटाइजर और मास्क का इस्तेमाल करते रहे। शादी-विवाह में दो गज की दूरी बनाएं।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि शहर से लेकर गांव तक में 62 ऐसे मरीज थे, जिनकी दो बार आईडी जनरेट हो गई थी। ऐसे में उनके नाम पोर्टल से हटा दिए गए हैं। इन नामों के हट जाने से संक्रमित मरीजों की संख्या कम हो गई है।