इन नौ कार्यों को मिली स्वीकृति
इस साल जीएफसीसी ने नौ परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। वे इस प्रकार हैं।
- नेपाल के नवलपरासी जनपद में बड़ी गंडक नदी के दायें तट पर डाउन स्ट्रीम में स्पिल (छलकना) को बंद करने एवं ए गैप तटबंध के कटर संख्या एक पर स्पिल एवं नाले के समानान्तर में परक्यूपाइन लगाने तथा दीर्घकालीन बाढ़ सुरक्षा के लिए नदी के अध्ययन के कार्य की परियोजना। इस कार्य पर 266.53 लाख रुपये खर्च होंगे।
- दूसरी परियोजना रेग्युलेटर निर्माण की है। इस पर 679.08 लाख खर्च होंगे।
- तीसरी परियोजना डाउन स्ट्रीम में स्पिल बंद करने के लिए 445.51 लाख खर्च होंगे।
- परक्यूपाइन लगाने के लिए 1068.50 लाख खर्च किया जाएगा।
- बी गैप के स्पर की पुनर्स्थापना पर 625.28 लाख की लागत आएगी।
- डाउन स्ट्रीम में परक्यूपाइन लगाने के लिए 789.90 लाख खर्च होगा।
- नेपाल बांध के स्पर संख्या 3 के शैक भाग के पुनर्स्थापना कार्य की परियोजना। इस कार्य पर 605.20 लाख खर्च होंगे।
- स्पर संख्या 5 की डाउन स्ट्रीम में एजक्रेटिंग के पुनर्स्थापना कार्य की परियोजना। इस पर 387 लाख की लागत आएगी।
- नेपाल बांध पर बिटुमिनस सड़क की पुनर्स्थापना एवं स्लोप पर ग्रॉस ट्रफिंग कार्य की परियोजना पर 352.98 लाख खर्च किए जाने हैं।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता केके राय ने कहा कि जो भी परियोजनाएं जीएफसीसी से स्वीकृत हैं, उन पर कार्य कराया जाएगा। अभी जीएफसीसी की अंतिम मुहर लगनी बाकी है। चुनाव के कारण विलंब हुआ। अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद काम कराया जाएगा।