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गोरखपुर: गोड़धोइया नाले के सुंदरीकरण को ध्वस्त हो सकते हैं 500 घर, मिलेगा मुआवजा

Sat, 02 Apr 2022 01:46 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक पादरी बाजार, मैत्रीपुरम, खजांची और बिछिया के मकान आ रहे जद में, 20 मीटर होगी नाले की चौड़ाई, 2.75 मीटर तक गहरा होगा, नाले के दोनों तरफ बनेगी सड़क।

 
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गोड़धोइया नाले को लेकर निरीक्षण करते नगर आयुक्त अविनाश सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर के गोड़धोइया नाले के सुंदरीकरण के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने जो रिपोर्ट तैयार की है, उस पर अमल किया गया तो करीब 500 लोगों के आवास पर बुलडोजर चल सकता है। हालांकि, इसके एवज में लोगों को मुआवजा दिया जाएगा। ध्वस्तीकरण की जद में एक स्कूल की इमारत भी शामिल है। सर्वाधिक मकान पादरी बाजार, मैत्रीपुरम, खजांची और बिछिया जंगल तुलसीराम में तोड़े जा सकते हैं।
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बरसात के दिनों में शहर के कई इलाकों को जलभराव से निजात दिलाने के लिए जीडीए ने जियोनो इंडिया एजेंसी से एक प्रस्ताव तैयार कराया है। वहीं, नाले के रास्ते में आने वाली जमीन की स्थिति के संबंध में सदर तहसील की टीम ने सर्वे करके रिपोर्ट तैयार की है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि नाले के सुंदरीकरण के लिए करीब 500 लोगों के मकान तोड़ने पड़ सकते हैं। मुआवजे के तौर पर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे।

करीब 9.7 किलोमीटर लंबे नाले की चौड़ाई 20 मीटर की जानी है। गहराई 1.5 से 2.75 मीटर तक की जाएगी। नाले के दोनों तरफ 10-10 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। नाले की दोनों दीवारों पर ऊंची जाली लगाई जाएगी। नाले के आसपास के कुछ क्षेत्रों को गोमती रिवर फ्रंट की तरह विकसित किया जाएगा।
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बता दें कि हाल ही में गोरखपुर के विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने गोड़धोइया नाले के प्रस्ताव को जल्द अंतिम रूप देकर शासन को भेजने का निर्देश दिया है। विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री इसकी प्रस्तुति देख चुके हैं। वहीं, नाले की जद में जिनके मकान आ रहे हैं, वे लोग डरे हुए हैं।

जीडीए दफ्तर और तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। दूसरी ओर, शहर की बड़ी आबादी नाले की सूरत बदलने की सूचना से काफी खुश है। बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से जूझने वाले लोग अधिक प्रसन्न हैं।
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