महराजगंज। जिला अस्पताल के नवजात शिशु देखभाल इकाई में 32 बेड पर 45 बच्चे भर्ती हैं। डॉक्टरों की ओर से इलाज के दौरान बेहद सतर्कता बरती जा रही है। वार्ड में उन बच्चों को भर्ती किया जाता है जो जन्म के बाद रोते नहीं हैं यहां बीमार रहते हैं।
जानकारी के अनुसार, एसएनसीयू वार्ड में जन्म लेने के साथ सांस फूलने, जांडिस, दूध नहीं पीने, निर्धारित वजन से कम, नौ माह के पहले जन्म लेने, अविकसित शिशुओं को भर्ती कर इलाज किया जाता है। इनमें कई ऐसे नवजात होते हैं, जिन्हें जन्म के बाद से लगभग आठ से 10 दिनों के लिए इसमें रखना पड़ता है। तीमारदार संतराम ने बताया कि वार्ड में भर्ती बच्चों की संख्या अधिक है, लेकिन इलाज ठीक से हो रहा है।
अस्पताल के बरामदे में बैठे तीमारदार आपस में चर्चा कर रहे थे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने बताया कि वार्ड में भर्ती बच्चों की देखभाल समय-समय पर की जाती है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि अस्पताल में बेहतर ढंग से इलाज की सुविधा मुहैया कराई जा रही है।