पूरे विश्व में पहचान रखने वाली गीता प्रेस से प्रकाशित होने वाली सबसे लोकप्रिय मासिक पत्रिका कल्याण की 40 हजार प्रतियां दिल्ली और मुंबई के पाठकों के लिए सिर्फ दो दिनों में ही डाक के माध्यम से भेज दी गई। डाक विभाग ने अप्रैल, मई और जून का अंक सोमवार को 25 हजार और मंगलवार को 15 हजार कल्याण की प्रतियां रवाना कर दी।
लगभग ढाई महीने लॉकडाउन के बाद जब गीता प्रेस खुला तो यहां सबसे पहले कल्याण को छापने और इसे पाठकों तक भेजने का काम शुरू किया गया। 23 जून से सिर्फ दिल्ली और मुंबई को छोड़ देश में कल्याण को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
दिल्ली और मंबई में कोरोना की स्थिती भयावह थी इसलिए डाक विभाग ने इन दोनों जगहों पर अपनी सेवाएं बंद की हुई थी। लेकिन सितंबर से डाक विभाग ने दिल्ली और मुबंई की सेवाएं बहाल कर दी। जिसके बाद इन दोनों जगहों के गीता प्रेस की ओर से कल्याण की 40 हजार प्रतियां सिर्फ दो दिन में ही भेज दी गई।
गीता प्रेस उत्पाद प्रबंधक लालमणि तिवारी ने कहा कि कोरोना के ज्यादा केस होने के कारण दिल्ली और मुंबई की डाक सेवा बंद थी जैसे ही ये सेवा शुरु हुई सिर्फ दो दिनों में ही अप्रैल से जून तक के कल्याण के अंक को आरएमएस से पाठकों को भेज दिए गए।