सिद्धार्थनगर जिले में काला नमक धान ‘एक जिला, एक उत्पाद’ प्रोत्साहन योजना में शामिल है। कृषि विभाग ने जिले में हुए काला नमक महोत्सव में इसकी ब्रांडिंग पर 35 लाख रुपये खर्च कर दिए। जिले के सरकारी बीज गोदामों पर काला नमक धान का एक किलो बीज भी उपलब्ध नहीं है। इस कारण काला नमक धान लगाने के लिए उत्साहित किसानों को गैर प्रमाणित बीज की रोपाई करने की नौबत आ गई है।
जिले में वर्ष 2018 में काला नमक को ‘एक जिला, एक उत्पाद’ प्रोत्साहन योजना में शामिल किया गया। उसके बाद से किसानों की रूझान इस ओर बढ़ी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काला नमक की ब्रांडिंग की जा रही है। काला नमक महोत्सव में 250 रुपये किलो काला नमक चावल बिका, लेकिन कृषि विभाग ने सीजन में काला नमक प्रजाति के बीज उपलब्ध कराने का सार्थक प्रयास नहीं किया।
अधिकारियों के काला नमक के बीज की प्रजाति को नोटिफाइड नहीं किया जा सका है। उम्मीद है कि कई संस्थानों में हो रहे शोध के परिणाम के अनुसार अगले वर्ष तक कृषि विभाग के पास कुछ प्रजातियों के बीज उपलब्ध होंगे। इस कारण किसानों के घर में जो धान रखे हैं उसी की नर्सरी रोपने की तैयारी में हैं, जबकि कुछ कंपनियों ने अपने बीज बाजार में पहुंचा दिया है। हालांकि कृषि विभाग ने सरकारी बीज गोदामों पर धान की अन्य प्रजातियों के 2000 क्विंटल बीज भेजा गया है।