बचाव के अधिवक्ता ने कम उम्र का दिया हवाला
अभियुक्तों को बचाने के लिए उनके अधिवक्ता ने तर्क दिया था कि अभियुक्तगण नवयुवक हैं और यह उनकी पहली गलती है, इनके ऊपर परिवार के खर्चे की जिम्मेदारी भी है। पकड़े जाने के बाद पहले दिन से अब तक सभी अभियुक्त जेल की सजा काट रहे हैं, अभियुक्तों में राजा अंसारी उर्फ इम्तियाज 22 वर्ष, बशारतपुर निवासी संतोष चौहान 21 वर्ष और बेगूसराय बिहार निवासी अंकित पासवान की उम्र लगभग 19 वर्ष है। लेकिन कोर्ट ने इसे जघन्य अपराध माना और अभियुक्तों को 30-30 साल की सजा सुनाई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र पांडेय ने कहा कि गंभीर अपराध में साक्ष्यों के साथ कोर्ट में पैरवी की गई। शासन की मंशा है कि आखिरी व्यक्ति को भी समय पर न्याय मिले, उसके अनुसार कम समय में तेज पैरवी से अभियुक्तों को सजा दिलाई गई है। अभियुक्तों को 30-30 साल की सजा कोर्ट से हुई है।