पिछले वर्ष की भांति इस बार भी जिले के 2500 से अधिक परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले 3.19 लाख बच्चों को अगली कक्षाओं में प्रमोट कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने नए सत्र की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस संबंध में शासन का आदेश पहले ही मिल चुका है।
हालांकि, कोरोना के बढ़ते संक्रमण की वजह से सरकार ने कक्षा एक से आठवीं तक के स्कूलों को चार अप्रैल तक बंद रखने का फैसला किया है। लेकिन जब स्कूल खुलेंगे तो बच्चे अगली कक्षा में पढ़ाई करेंगे।
शासनादेश के मुताबिक प्रमोट किए गए छात्रों के ज्ञान के स्तर को आंकने के लिए अप्रैल के आखिरी हफ्ते में बच्चों के लिए परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। यदि बच्चा परीक्षा में कम अंक हासिल करता है तो उसके लिए रेमिडियल कक्षाएं चलाई जाएंगी। सत्र 2020-21 में कोविड की वजह से 11 महीने तक स्कूल बंद रहे।
जुलाई में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हुईं, मगर मोबाइल या नेटवर्क के अभाव में इसकी पहुंच सभी बच्चों तक नहीं हो सकी। बमुश्किल 50 हजार बच्चों को ही ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ मिला। मार्च में शासन के निर्देश पर कक्षा एक से आठवीं तक की कक्षाओं का संचालन शुरू हुआ। वर्ष पर्यंत बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के चलते शासन ने बच्चों को प्रमोट करने का फैसला लिया है।