सड़क सुरक्षा अभियान और प्रशासनिक दावों के बीच गोरखपुर मंडल की सड़कें लगातार जानलेवा साबित हो रही हैं। वर्ष 2025 के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। मंडल के सात जिलों में 2884 सड़क दुर्घटनाओं में 1595 लोगों की मौत हुई जबकि 1751 लोग घायल हुए। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि चिह्नित ब्लैक स्पॉट और टी-वाई जंक्शन पर सुरक्षा इंतजाम अब भी कमजोर हैं।
सड़क सुरक्षा को लेकर चल रहे अभियान और प्रशासनिक दावों के बीच गोरखपुर मंडल की सड़कें लगातार जानलेवा साबित हो रही हैं। वर्ष 2025 के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। मंडल के सात जिलों में 2884 सड़क दुर्घटनाओं में 1595 लोगों की मौत हुई, जबकि 1751 लोग घायल हुए।
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अमर उजाला पड़ताल में सामने आया कि कई चिह्नित ब्लैक स्पॉट और टी-वाई जंक्शन पर सुरक्षा इंतजाम अभी भी कमजोर हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, खराब सड़क डिजाइन, तेज रफ्तार, अवैध कट, अतिक्रमण और संकेतकों की कमी हादसों की बड़ी वजह बन रही है।
पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज कई ब्लैक स्पॉट आज भी दुर्घटना के लिहाज से संवेदनशील बने हुए हैं। गीडा के कालेसर जीरो पाॅइंट, दानापानी और नौसड़, खोराबार के रामनगर कड़जहा, सहजनवां के भीटी रावत, गुलरिहा के सरैया बाजार और कैंट क्षेत्र के नहर पुलिया मोहद्दीपुर जैसे स्थानों पर हादसों का सिलसिला जारी है।
इन जगहों पर कई बार चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर और दिशा संकेतक लगाने की जरूरत बताई गई, लेकिन कई स्थानों पर इंतजाम धरातल पर नजर नहीं आते।
पड़ताल-1 : एसआरसी घोषित, फिर भी नहीं सुरक्षा इंतजाम
गोला क्षेत्र के भर्रोह स्थित रामजानकी मार्ग पर 26 अप्रैल को हुए हादसे को जिले का पहला स्पेशल रिपोर्ट केस (एसआरसी) घोषित किया गया था। गेहूं लदी ट्रॉली और स्कॉर्पियो की टक्कर में तीन युवकों की मौत हुई थी। जांच में सड़क की स्थिति, वाहन गति, फिटनेस और अवैध कट की समीक्षा होनी थी, लेकिन डेढ़ महीने बाद भी मौके पर स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए।
पड़ताल-2 : कंचनपुर में रोजाना बना रहता है खतरा
मेडिकल रोड का कंचनपुर क्षेत्र भी दुर्घटनाओं का बड़ा केंद्र बन चुका है। सड़क किनारे अतिक्रमण, अव्यवस्थित मोड़ और तेज रफ्तार वाहन यहां हादसों का कारण बन रहे हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से यातायात व्यवस्था सुधारने और संकेतक लगाने की मांग कर रहे हैं। जून में अब तक इस क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना में तीन लोगों की जान जा चुकी है और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। चिह्नित संवेदनशील स्थलों पर संबंधित विभागों के माध्यम से जरूरी कार्य कराए जा रहे हैं। जल्द ही चेतावनी संकेतक, ब्लैक स्पॉट बोर्ड और स्पीड ब्रेकर लगाए जाएंगे: अमित श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक