बीआरडी के बाहर खड़ी प्राइवेट एंबुलेंस पर कार्रवाई करते अधिकारी।
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गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के गेट के आसपास खड़ी निजी एंबुलेंस के खिलाफ जिला प्रशासन ने सोमवार को कड़ी कार्रवाई की। क्रेन की मदद से 28 एंबुलेंस को गुलरिहा थाने पहुंचा दिया। जांच पड़ताल के बाद परिवहन विभाग ने सभी एंबुलेंस को सीज कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद से एंबुलेंस चालकों में हड़कंप है।
जानकारी के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज प्रशासन कई बार चेतावनी देकर परिसर और कॉलेज गेट के पास एंबुलेंस खड़ा करने से मना किया था। इसके बावजूद एंबुलेंस चालक मान नहीं रहे थे। इसके बाद कॉलेज के एसआईसी ने एडीजी को पत्र लिखकर एंबुलेंस चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
उन्होंने पत्र में आरोप लगाया था कि कुछ एंबुलेंस चालक दूर-दराज से आने वाले मरीजों को बरगला कर निजी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचा देते हैं। इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और इन्हें हटवाया जाए। पत्र मिलने के बाद एडीजी ने एसएसपी को कार्रवाई का निर्देश दिया। जिला प्रशासन की टीम सोमवार दोपहर पहुंची और कॉलेज के गेट के पास खड़ी एंबुलेंस के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
इस बीच चालक एंबुलेंस लेकर भागने लगे। मौके पर मौजूद पुलिस ने सभी को पकड़ लिया। क्रेन की मदद से एंबुलेंस को गुलरिहा थाने ले जाया गया। कागजात न मिलने पर परिवहन विभाग ने सभी एंबुलेंस को सीज कर दिया है।
अभियान में एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव, एसपी सिटी सोनम कुमार, एएसपी राहुल भाटी, एआरटीओ प्रवर्तन एसपी श्रीवास्तव, पैसेंजर ट्रैफिक ऑफिसर इरशाद अली, कानूनगो घनश्याम शुक्ला, लेखपाल संदीप राय, गुलरिया थाना सहित आसपास थानों की टीम मौजूद रहीं।