गोरखपुर में कर्मचारियों की लापरवाही के कारण बिजली निगम चार साल से ज्यादा समय तक उपभोक्ता को कम बिजली बिल भेजता रहा। जब मामला पकड़ में आया तो निगम ने देवरिया बाईपास स्थित गरुण सुपर मार्केट को 23 लाख 12 हजार के वसूली का नोटिस भेज दिया है। नोटिस मिलने के बाद संचालक परेशान हैं। उनका कहना है कि कनेक्शन लगवाने के बाद से नियमित बिल भरते रहे हैं। अब इतनी बड़ी रकम कहां से भरेंगे।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि उपभोक्ता बिल का नियमित भुगतान करते रहे हैं। लिपिकीय त्रुटि की वजह से उनके कनेक्शन पर गुणांक दो की जगह एक के अनुपात में बिजली बिल लिया जाता था। उनका कनेक्शन 70 किलोवाट का है। निगम ने गलती में सुधार करते हुए उन पर बकाए बिल का नोटिस भेजा है। गलती निगम के कर्मचारी की है, ऐसे में उपभोक्ता से इस धनराशि पर ब्याज नहीं लिया जाएगा।
अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि बड़े उपभोक्ताओं से उनके कनेक्शन पर वाणिज्यिक दर से कनेक्शन की क्षमता के गुणांक के अनुसार बिजली बिल लिया जाता है। तकनीकी खामी से गरुण सुपर मार्केट के कनेक्शन के सही आंकड़े दर्ज नहीं हो सके। इसी वजह से उन तक सही बिल नहीं पहुंच पा रहा था।
अधिशासी अभियंता टाउन हाल नवनीत प्रजापति ने बताया कि विभागीय गलती तो हुई है, लेकिन उपभोक्ता ने बिजली उपभोग तो की है। ऐसे में उन्हें बिजली बिल के संबंध में नोटिस दिया गया है। हालांकि, उनके बकाएदारी पर किसी तरह का ब्याज नहीं लगाया गया है। बिजली भी नहीं काटी जाएगी। अपनी सुविधानुसार किस्तों में बकाए का भुगतना कर सकते हैं।
सुपर मार्केट के संचालक रजनीकांत राय ने बताया कि अप्रैल वर्ष 2017 में उनका मीटर बदला गया था। इसके बाद से जो बिल आ रहा है वह लगातार जमा किया जा रहा है। अब अचानक 23 लाख रुपये जमा करने को कहा जा रहा है। इसकी शिकायत बिजली निगम के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक से की गई है।