कारपोरेशन ने वित्तीय अनियमितता में दोषी पाए गए खंड बक्शीपुर में तैनात तत्कालीन लेखाकार रामधनी चौधरी व सलेमपुर खंड में कार्यालय सहायक धीरेंद्र चौधरी को बर्खास्त कर दिया है। इसके अलावा तत्कालीन अवर अभियंता को निंदा प्रविष्टि और एक लिपिक पर जुर्माने के साथ उसको पदावनत किया है।
आरोप था कि पांच वर्ष पहले विद्युत वितरण खंड द्वितीय बक्शीपुर में 78 बकाएदारों का 23 लाख रुपये का बिल तीन लाख रूपये में निपटा दिया गया था। मामले की जांच चल रही थी। चेयरमैन कारपोरेशन ने इसमें दोषी पाए राजस्व लिपिकों, लेखाकार व अवर अभियंता के खिलाफ कार्रवाई की है। खंड के तत्कालीन लिपिक नितिन नारायण श्रीवास्तव को पदावनत कर प्रारंभ के वेतनमान पर फिर से सेवा बहाल की गई है। सूरजकुंड बिजलीघर के तत्कालीन अवर अभियंता मनोज गुप्ता को निंदा प्रविष्टि दी गई है। कार्रवाई की जद में आए कर्मचारियों को कार्रवाई का पत्र दे दिया गया है।
मामला तीन साल पहले तीसरी आंख मानवाधिकार संगठन की शिकायत के बाद सामने आया था। संगठन ने शासन व चेयरमैन से शिकायत की थी कि 2015 में तत्कालीन अभियंताओं व कर्मचारियों की मदद से निगम का भारी राजस्व क्षति हुई है। जांच से जुड़े विभागीय अधिकारी ने बताया कि मामले में चेयरमैन की कार्रवाई का पत्र शनिवार को मुख्य अभियंता के पास आया। उन्होंने इस पत्र के आधार पर कार्रवाई करते हुए तत्काल सभी को निगम के कामों से दूर करने का निर्देश दिया है।