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गोरखपुर: 23 लाख का बिजली बिल तीन लाख किया, दो कर्मचारी बर्खास्त

Sun, 25 Jul 2021 11:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

खंड के तत्कालीन लिपिक नितिन नारायण श्रीवास्तव को पदावनत कर प्रारंभ के वेतनमान पर फिर से सेवा बहाल की गई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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कारपोरेशन ने वित्तीय अनियमितता में दोषी पाए गए खंड बक्शीपुर में तैनात तत्कालीन लेखाकार रामधनी चौधरी व सलेमपुर खंड में कार्यालय सहायक धीरेंद्र चौधरी को बर्खास्त कर दिया है। इसके अलावा तत्कालीन अवर अभियंता को निंदा प्रविष्टि और एक लिपिक पर जुर्माने के साथ उसको पदावनत किया है।
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आरोप था कि पांच वर्ष पहले विद्युत वितरण खंड द्वितीय बक्शीपुर में 78 बकाएदारों का 23 लाख रुपये का बिल तीन लाख रूपये में निपटा दिया गया था। मामले की जांच चल रही थी। चेयरमैन कारपोरेशन ने इसमें दोषी पाए राजस्व लिपिकों, लेखाकार व अवर अभियंता के खिलाफ कार्रवाई की है। खंड के तत्कालीन लिपिक नितिन नारायण श्रीवास्तव को पदावनत कर प्रारंभ के वेतनमान पर फिर से सेवा बहाल की गई है। सूरजकुंड बिजलीघर के तत्कालीन अवर अभियंता मनोज गुप्ता को निंदा प्रविष्टि दी गई है। कार्रवाई की जद में आए कर्मचारियों को कार्रवाई का पत्र दे दिया गया है।

मामला तीन साल पहले तीसरी आंख मानवाधिकार संगठन की शिकायत के बाद सामने आया था। संगठन ने शासन व चेयरमैन से शिकायत की थी कि 2015 में तत्कालीन अभियंताओं व कर्मचारियों की मदद से निगम का भारी राजस्व क्षति हुई है। जांच से जुड़े विभागीय अधिकारी ने बताया कि मामले में चेयरमैन की कार्रवाई का पत्र शनिवार को मुख्य अभियंता के पास आया। उन्होंने इस पत्र के आधार पर कार्रवाई करते हुए तत्काल सभी को निगम के कामों से दूर करने का निर्देश दिया है।
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सेवा जहां से शुरू फिर वहीं पहुंचे

बक्शीपुर खंड के तत्कालीन लिपिक नितिन नारायण श्रीवास्तव के सभी इंक्रीमेंट को खत्म करते हुए सेवा शुरू करने के दौरान वाले वेतनमान पर बहाल किया गया है। उनके खिलाफ 78 हजार का जुर्माना भी लगा है। नितिन अभी देवरिया मंडल के गौरी बाजार खंड में कार्यकारी सहायक के रूप में कार्यरत हैं।

मध्यांचल में हैं अधिशासी अभियंता
तत्कालीन अधिशासी अभियंता आरसी पांडेय पर भी कार्रवाई की गई है। अभी वह मध्यांचल में तैनात हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि उनका चार इंक्रीमेंट बैक किया गया है।

गलत तरीके से बिल सत्यापित करने की बात आई थी सामने
बक्शीपुर खंड के सूरजकुंड इलाके में मनोज गुप्ता उस समय अवर अभियंता के पद पर तैनात थे। इनपर आरोप था कि बकाएदारों के बिलों की रीडिंग को इन्हीं के द्वारा सत्यापित किया गया था। वर्तमान में मनोज ग्रामीण विद्युत वितरण खंड द्वितीय के गीडा क्षेत्र में तैनात हैं।

कारपोरेशन की तरफ से कार्रवाई की गई है। चेयरमैन के निर्देश को खंड के अधिशासी अभियंता को देकर आरोपियों को सूचित करने का निर्देश दे दिया है। इसमें लेखाकार व एक लिपिक के खिलाफ बर्खास्तगी, एक लिपिक पर जुर्माना लगाते हुए पदावनत के साथ एक अवर अभियंता को निंदा प्रविष्टि दी गई है। - राजेंद्र प्रसाद, मुख्य अभियंता
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