गोरखपुर शहर को जलभराव से निजात के लिए हर्बर्ट बंधे पर बने रेगुलेटरों के जर्जर पंप बदले जाएंगे। राप्ती बांध पर बनाए गए रेगुलेटरों पर लगाए गए पंप जर्जर और बेकार हो चुके हैं। करीब 30 साल पुराने ये पंप जलभराव को दूर करने में अब उतने कामयाब नहीं रह गए हैं। ऐसे में नगर निगम ने करीब 6.55 करोड़ रुपये की लागत से इन पंपों को बदलने का प्रस्ताव तैयार किया है। जल्द ही शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा जाएगा।
बारिश के दिनों में शहर में होने वाले जलभराव को दूर करने के लिए हर्बर्ट बंधे पर 11 बाढ़ पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं। सिंचाई विभाग के रेगुलेटरों को बंद करने के बाद इन पंपों को चलाया जाता है, जो शहर के करीब 80 प्रतिशत जलभराव को कम करते हैं। लेकिन पंपों की क्षमता कम होने की वजह से इस बारिश में ये पंप उतने कामयाब साबित नहीं हो पाए। कई पंपों के सीज होकर बंद होने से भी काफी दिक्कत हुई। वहीं काफी पुराने होने की वजह से इनके कल पुर्जे भी मिलने बंद हो गए हैं।
पंप हाउस और संपवेल भी हो चुके हैं जर्जर
इलाहीबाग रेगुलेटर पर लगे 10 पंपों की क्षमता करीब 108 क्यूसेक प्रति मिनट और डोमिनगढ़ रेगुलेटर पर 12 पंपों की क्षमता 106.5 क्यूसेक प्रतिमिनट है। इनमें से 156 एचपी क्षमता वाले 20 क्यूसेक डिस्चार्ज के डीजल चलित पंपों को छोड़कर सभी पंप करीब 30 साल पुराने होने की वजह से काफी कम क्षमता वाले हो गए हैं। ऐसे में नगर निगम ने शहर को जलभराव की समस्या से बचाने के लिए दोनों पंप हाउसों में लगे पुराने पंपों के स्थान पर नए पंपों लगाने की योजना तैयार किया गया है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि शहर को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए इलाहीबाग और डोमिनगढ़ पंपिंग स्टेशन के 11-11 पुराने पंपों और पाइपों को बदलने के अलावा अन्य कई कार्य कराने की योजना तैयार की गई है। पंप हाउसों को भी सुदृढ़ किया जाएगा। इसके लिए करीब 6.55 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल्द ही शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।